दुग्ध संघ में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले की सीबीआई जांच कराने, दुग्ध क्रय मूल्य 40 रुपये प्रति लीटर करने सहित तमाम मांगों को लेकर दुग्ध उत्पादक सोमवार को सड़कों पर उतर आए। दूनागिरि रोड़ से जुलूस की शक्ल पहुंचे उत्पादकों ने मुख्य चौराहे पर धरना दिया। 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं होने पर चक्काजाम के साथ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
दुग्ध उत्पादक बार-बार मांगों की उपेक्षा को लेकर आक्रोशित हैं। दुग्ध उत्पादक अध्यक्ष/सचिव विकास संगठन के बैनर तले उत्पादकों ने द्वाराहाट में जुलूस प्रदर्शन किया। शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दुग्ध संघ में चार करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला हुआ है, लेकिन कोई भी मुंह खोलने को तैयार नहीं है। मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को जेल में डाला जाना चाहिए। महंगाई को देखते हुए दुग्ध क्रय मूल्य 40 रुपये प्रति लीटर करने की मांग भी उठाई गई। कहा कि 2015-16 से दुग्ध प्रोत्साहन राशि के वितरण में भी भेदभाव बरता गया गया है।
दुग्ध सचिवों को पूर्व समझौते के अनुसार 50 पैसा लीटर प्रोत्साहन राशि भी आज तक नहीं मिली है। पिछले साल दिसंबर से दुग्ध उत्पादकों को भुगतान तक नहीं हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सार्थक कार्रवाई नहीं होती तो चक्काजाम के साथ उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष आनंद सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण आर्या, प्रधान सुरेश शर्मा, दुधोली के जोगा राम, भुवन चंद्र, कमलेश पांडे, पूरन आगरी, पूजा देवी, कौशल्या देवी, मुन्नी देवी, तुलसी देवी, भागीरथी देवी, महिला एकता परिषद की सचिव मधुबाला कांडपाल ने भी दुग्ध उत्पादकों की मांगों का समर्थन किया। बाद में इस संबंध में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन भी सौंपा गया।