अल्मोड़ा। नंदादेवी मेले के डोला विसर्जन के बाद अब प्रवासियों और ग्रामीणों की घर वापसी शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को तड़के से ही बस स्टेशनों और टैक्सी स्टैंडों पर यात्रियों की भीड़ रही। जिला मुख्यालय से ग्रामीण क्षेत्रों और बाहरी राज्यों को जाने वाले वाहन पैक होकर गए। इससे यात्रियों को इंतजार करना पड़ा।
बुधवार देर शाम मां नंदा-सुनंदा का डोला निकलने और प्रतिमा विसर्जन के बाद रात अधिक होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों के लोग वापस नहीं लौट सके थे। ऐसे में कई लोगों ने रात जिला मुख्यालय में अपने रिश्तेदारों के यहां तो कई लोगों ने होटलों में शरण ली। बृहस्पतिवार सुबह होते ही सभी यात्री अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। इसके चलते बस स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ रही। दिल्ली, गुरुग्राम जैसे महानगरों के साथ-साथ स्थानीय रूटों जैसे बाराकोट, भनोली, सल्ट और भिकियासैंण जाने वाले यात्रियों की तादाद सबसे अधिक रही। बसों में पहले सीट पाने के लिए यात्रियों के बीच काफी होड़ देखने को मिली। ग्रामीण रूटों पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ने से पिछले कुछ दिनों से मंदी झेल रहे वाहन चालकों और टैक्सी ऑपरेटरों को बड़ी राहत मिली है।