राज्य सरकार के चौथे वित्त आयोग के सर्वे दल ने पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी और प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके पालिका के संसाधनों और वित्तीय स्थिति को लेकर चर्चा की।
पालिकाध्यक्ष ने सर्वे दल के सदस्यों से शासन में ठोस रिपोर्ट देने का आग्रह किया ताकि पालिका करीब 22 करोड़ की देनदारियों के भुगतान के साथ ही नगर के अधूरे विकास कार्यों को पूरा करा सके। डा. अनिल डिमरी के नेतृत्व में पहुंचे तीन सदस्यीय सर्वे दल ने पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष और सभासदों के साथ बैठक की।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने नगर में सीवर लाइन के निर्माण, ट्रक स्टैंड, धर्मशाला निर्माण समेत अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने, 2010 की आपदा के बाद तैयार की गई कार्य योजना के अनुसार नालों के निर्माण, मालरोड-धारानौला सुरंग, सेवानिवृत्त कार्मिकों के अवशेष का भुगतान समेत अन्य देनदारियों आदि की जानकारी दी।
उन्होंने पालिका की आय और बदहाल वित्तीय स्थिति से भी अवगत कराया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर अब तक पालिका को मिल रहा बजट काफी कम है।
उन्होंने सर्वे दल से सरकार को ठोस और तथ्य परक रिपोर्ट देने का आग्रह किया ताकि पालिका को जरूरत के मुताबिक पर्याप्त बजट मिल सके। सभासदों ने सभासद निधि और उन्हें मानदेय दिए जाने को संस्तुति करने की मांग उठाई।
सर्वे दल ने व्यापार मंडल और टैक्सी यूनियन पदाधिकारियों से नगर की समस्याओं और समाधान को जानकारी ली। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी उन्हें समस्याएं बताईं। इसके बाद सर्वे दल शहर के अनुसूचित बहुल वार्डों में जाकर सर्वे किया।
बैठक में सभासद अशोक पांडे, श्याम पांडे, राजेंद्र तिवारी, हेम तिवारी, मुकेश नेगी, विद्या बिष्ट, कंचन भट्ट, राधा नेगी, सरिता टम्टा, जीवन नाथ वर्मा, गिरीश गोस्वामी, घनानंद जोशी, प्रताप सत्याल, श्याम लाल साह, किशन गुरुरानी, भैरव गोस्वामी, मनोज पवार, शैलेंद्र तिलारा, बिशन सिंह बिष्ट, ईओ अशोक कुमार आदि मौजूद थे।