महर्षि महेश योगी के जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर महर्षि विद्या मंदिर पपरशैली में आयोजित पांच दिवसीय महर्षि भावातीत ध्यान एवं योग शिविर का समापन हो गया है। शिविर में प्रतिभागियों को विभिन्न आसनों और भावातीत ध्यान का अभ्यास कराया गया।
ध्यान एवं सिद्धि शिक्षक बीपी बहुगुणा ने पद्मासन, हस्तपाद, बज्रासन, मंडूक आसन, नौकासन, ताड़ासन आदि का अभ्यास कराया। प्रधानाचार्य बीबी भट्ट ने प्रशिक्षणार्थियों को महर्षि भावातीत ध्यान, योग के नियमित अभ्यास से होने वाले लाभों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि समाज में घर-घर ध्यान और योग को पहुंचाना जरूरी है।
प्रत्येक व्यक्ति को ध्यान और योग को नियमित दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर अतिथियों को स्कूल की वार्षिक पत्रिका ज्ञान भी बांटी गई। समापन अवसर पर डीआरडीए के पूर्व निदेशक मोहन चंद्र जोशी, गोपाल सिंह मेहता, पूर्व प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र जोशी, बबीता चिलवाल, महेश सिंह मेहता, आशुतोष त्रिपाठी, शालिनी नेगी, देवकीनंदन पांडे, भारती थापा, सीपी फुलारा, गणेश दत्त, ऊषा, आरसी मेर, ज्योत्सना, ममता जोशी, ज्योति बोरा, रेनुका सुप्याल, एमएस बिष्ट, संतोष दुर्गापाल आदि मौजूद थे।