शासनादेश के बावजूद नगर पंचायत के गठन में हो रहे विलंब को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। नगर पंचायत के शीघ्र गठन और प्रशासक नियुक्त करने की मांग को लेकर चौखुटिया बाजार बंद रहा अलबत्ता कुछ छुटपुट दुकानें खुली थीं। आक्रोशित दुकानदारों और अन्य लोगों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला और बाद में तहसील कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया।
चौखुटिया नगर पंचायत का शासनादेश जारी होने के बावजूद नगर पंचायत के अस्तित्व में न आने से लोगों के सब्र का बांध टूट गया है। चौखुटिया और चांदीखेत बाजार के दुकानदारों और अन्य लोगों ने चौखुटिया सुधार समिति के आह्वान पर नगर पंचायत के शीघ्र गठन की मांग को लेकर व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे।
दुकानें बंद रखने के बाद लोग चांदीखेत बाजार में एकत्रित होने के बाद जुलूस लेकर नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। इस दौरान लोगों ने तहसील का घेराव कर प्रदर्शन किया। बाद में सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार सतीश बर्थवाल को सौंपा। ज्ञापन में शासनादेश के बावजूद नगर पंचायत के अस्तित्व में आने पर हो रहे विलंब पर रोष जताया गया है और प्रशासक की शीघ्र नियुक्ति की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया है कि भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यदि संभव हो तो बाखली गांव को नगर पंचायत से अलग करने पर भी विचार किया जाए। इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने नगर पंचायत के शीघ्र गठन की मांग की।
सभा की अध्यक्षता डा. कुलदीप सिंह बिष्ट ने और संचालन पूरन संगेला ने किया। सभा को उमराव सिंह नेगी, विष्णुदत्त उपाध्याय, मुकेश पांडे, ललित मोहन पंत, एलडी मठपाल, लक्ष्मण सिंह अधिकारी, राजेंद्र कांडपाल, मदन बौरा, रमेश नेगी, जगदीश ममंगाई और प्रेम घनस्याल आदि ने संबोधित किया। जुलूस प्रदर्शन में कैलाश महरा, इंदर सिंह बौरा, चंदन सिंह नेगी, इंदर अटवाल, परमानंद सती, कैलाश पांडे, कैलाश गिरी, गोविंद गिरी, पृथ्वीपाल जोशी, गणेश पांडे, गिरधर खत्री, प्रकाश चौधरी, मनीष, आनंद हर्बेाला, घनस्याम तिवारी, हरीश मैनाली, राजू बिष्ट, महेश वर्मा, बचीराम, मनोहर तिवारी, गिरीश पांडे, गिरीश पंत, मोहन जोशी सहित कई लोग मौजूद थे।