बुरांश के एकत्रित फूलों के साथ स्वयं सहायता समूह की महिलाएं।
- फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन परियोजना (जायका) के तहत सोसायटी फॉर उत्तरांचल डेवलपमेंट एंड हिमालयन एक्शन (सुधा) की ओर से वन पंचायत गैराड़, भगरतोला, बाराकूना में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों की 40 महिलाओं ने बुरांश के 14 क्विंटल फूल एकत्र कर जागनाथ स्वायत्त सहकारिता के माध्यम से विपणन किया।
जायका के मार्केटिंग विशेषज्ञ इंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि परियोजना ने 30 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया है। इसमें कुछ समूह मडुआ, मादिरा, भांगदान, चौलाई, सोयाबीन, काला भट आदि की ग्रेडिंग और पैकेजिंग कर स्थानीय बाजार को उपलब्ध कराते हैं, जिन समूहों के पास कम भूमि है उन समूहों को मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसे कार्यक्रमों से जोड़ा गया है।
समूहों की सुविधा के लिए तीन क्षेत्रीय समन्वयकों की तैनाती की गई है। जिसकी देखरेख में स्थानीय उत्पादकों का एकत्रीकरण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, विपणन आदि कार्यो की सहकारिता के माध्यम से किया जाता है। क्षेत्रीय समन्वयक अनिल राणा, कमल साही, ललिता जोशी, नीमा जोशी, बबीता आर्या, रमा देवी, नंदी देवी, तुलसी देवी, बसंती देवी, जानकी देवी, कमला देवी आदि थे।