अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री त्वरित समाधान सेवा कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत गुरना के जीआईसी दौलाघट में आयोजित जिले के पहले शिविर में श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व, स्वजल, शिक्षा विभाग और वन विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा था। जिस कारण ग्रामीणों के विकलांग प्रमाण पत्र, मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों के श्रम कार्ड नहीं बन सके। मुख्य अतिथि क्षेत्र पंचायत प्रमुख बबीता भाकुनी ने विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को अनुपस्थित विभागों से संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
शिविर में लोगों ने 18 समस्याएं दर्ज कराईं। जिसमें अधिकतर शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष अन्य शिकायतों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया। शिविर में विधवा पेंशन के 34, वृद्धावस्था के 36 आवेदन पत्र प्राप्त हुए और 174 बीपीएल प्रमाण पत्र जारी किए गए।
इस अवसर पर अधिकारियों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संस्थान, पशुपालन, जल निगम, उद्यान, कृषि के अंतर्गत संचालित की जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इस मौक पर विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं से संबंधित जानकारियां दीं। शिविर की अध्यक्षता गुरना के प्रधान हेम चंद्र जोशी ने की।
इस मौके पर ज्येष्ठ उप प्रमुख गोपाल सिंह खोलिया, जल निगम के अधिशासी अभियंता केडी भट्ट, सिंचाई विभाग के संतोष प्रसाद समेत अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, ग्रामीण मौजूद थे। संचालन खंड विकास अधिकारी हवालबाग पंकज कांडपाल और सहायक खंड विकास अधिकारी भगवान बिष्ट ने किया।