आसन्न विधानसभा चुनाव और दीपावली जैसा बड़ा पर्व। चेहरा दिखाने का बढ़िया मौका खोज रहे दावेदारों ने पूरी विधानसभा को ही बधाई संदेश के पोस्टरों और बैनरों से पाट दिया है। इन पोस्टरों और बैनरों को देखकर लग रहा है कि आधे दर्जन से अधिक दावेदार मैदान में हैं। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट और मुख्यमंत्री हरीश रावत के पैतृक गांव मोहनरी की रानीखेत विधानसभा में कई निर्दलियों के चुनाव मैदान में उतर जाने का संकेत मिल रहा है।
पोस्टर और बैनर देखकर साफ लग रहा है कि पर्व की शुभकामनाओं के बहाने कई नेता आगामी चुनाव में निर्दलीय खम ठोकने का संकेत दे रहे हैं। पूरी विधानसभा क्षेत्र में नेताओं का पोस्टर वार शुरू हो चुका है। सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियां पूरी तरह से पोस्टरों से पट चुकी हैं। नेताओं को छावनी परिषद की चेतावनी का भी इल्म नहीं है। मालूम हो कि रानीखेत विधानसभा कई मामलों में सुर्खियों में है। एक ओर जहां विधानसभा के मोहनरी में मुख्यमंत्री हरीश रावत का गांव है, वहीं नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे अजय भट्ट यहीं से विधायक हैं। दूसरी तरफ पिछले दो चुनाव से इस सीट पर जीत हार का अंतर भी मामूली रहा है।
2007 में इस सीट पर कांग्रेस के करन माहरा ने भाजपा के कद्दावर वर्तमान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को 205 मतों से हराया। जबकि 2012 में भाजपा के अजय भट्ट ने पुरानी हार का बदला चुकाते हुए मात्र 78 वोटों से जीत हासिल की। पूरी विधानसभा में लगभग 126 बूथ हैं और लगभग 75 हजार वोटर हैं। इधर, तीन माह बाद विधानसभा चुनाव हैं, विधायक बनने का सपना पाले कई लोग खम ठोकने की तैयारी में हैं। जिस तरह से पोस्टर वार शुरू हुआ है, उससे लग रहा है, कि इस बार दो से तीन उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव में खम ठोक सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो चुनावी समीकरण बदलेंगे।