भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। स्याल्दे विकासखंड के बरंगल गांव में मंगलवार रात को आदमखोर तेंदुए को शिकारी दल ने ढेर कर दिया है। पिछले एक माह से आंतक का पर्याय बने तेंदुए के खौफ से लोगों को निजात मिल गई है। हिमाचल के शिकारी रमेश चौहान की गोली से तेंदुआ ढेर हुआ है। वन विभाग के कार्मिक तेंदुए को पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा ले गए। देर शाम तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।
तेंदुए ने बरंगल गांव की किमबगड़ निवासी शांति देवी को पिछले हफ्ते मार दिया था। इसके अलावा डोटियाल बाखल की अंजू देवी, कोठा बरंगल गांव की कमला देवी पर हमला कर घायल किया था। तेंदुए ने उप्राड़ी ग्राम पंचायत के संसखेत निवासी लक्ष्मण चंद्र पुत्र किशन राम की दस बकरियां, जैखाल को गांव में दुधारू गाय को मार डाला था। इसके अलावा विकासखंड से सटे पौड़ी जिले की डुमडीकोट गांव की 26 वर्षीय तुलसी देवी पर भी हमला किया था। पिछले एक माह से तेंदुए का क्षेत्र में खौप बना हुआ था।
जन दबाव के बाद विभाग ने क्षेत्र में तीन पिंजरे लगाए। पौड़ी से शिकारी ज्वाय हुकिल और बिजनौर से शिकारी सैफी को क्षेत्र में तैनात किया था, लेकिन आदमखोर तेंदुआ पकड़ में नहीं आ रहा था। वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हिमाचल के शिकारी आशीष दास गुप्ता के नेतृत्व में रमेश चौहान, किरनेश गुप्ता क्षेत्र में तैनात किए गए थे। वन क्षेत्राधिकारी मोहन राम आर्या के नेतृत्व में वन कर्मी लगातार आदमखोर की टोह ले रहे थे। डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि आखिरकार मंगलवार रात पौने ग्यारह बजे हिमाचल के शिकारी रमेश चौहान ने तेंदुए को मार गिराया। बुधवार सुबह वन विभाग की टीम तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा ले गई। डीएफओ ने बताया कि अल्मोड़ा में तेंदुए का पोस्टमार्टम करने बाद शव को जला दिया गया है।