जिला उपभोक्ता फोरम ने प्रबंधक सैमसंग सर्विस सेंटर अल्मोड़ा और प्रबंधक सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रानिक्स प्रा. लि. नोयडा (गौतमबुद्धनगर) को सेवा में कमी का दोषी पाए जाने पर शिकायकर्ता को मोबाइल की कीमत, मानसिक कलेश क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के कुल 42 हजार रुपए एक माह के भीतर अदा करने के आदेश दिए हैं।
धारानौला अल्मोड़ा जिला पंचायत बाजार के व्यापारी देवेंद्र बिष्ट ने दो फरवरी 2015 को मंगल सेल्स आवास विकास चौराहा हल्द्वानी से सैमसंग कंपनी का मोबाइल जी-22 मॉडल 35 हजार रुपए में खरीदा। कुछ ही समय बाद मोबाइल खराब हो गया। फोन वारंटी समय में था। उन्होंने प्रबंधक सैमसंग सर्विस सेंटर टेनीमल बिल्डिंग एलआर साह रोड अल्मोड़ा को 20 नवंबर 2015 को मोबाइल ठीक कराने को दिया और वहीं छोड़ दिया। जून 2016 में सर्विस सेंटर ने बुलाया और नया फोन देने के बजाए पुराना फोन नए रूप में देने का प्रयास किया। जिसे शिकायतकर्ता ने लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया।
सर्विस सेंटर और कंपनी ने न्यायालय में कहा कि नेटवर्क की खराबी को लेकर शिकायकर्ता 20 नवंबर 2015 को मोबाइल फोन लेकर आया। साफ्टवेयर अपडेट करने के पश्चात उसका मोबाइल फोन वापस कर दिया। नौ मार्च 2016 को शिकायतकर्ता ने दूसरी बार मोबाइल फोन विपक्षी को दिया। इस अवधि में मोबाइल फोन वारंटी समय से बाहर था।
फोरम के अध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, सदस्य लीला जोशी और प्रभात कुमार चौधरी ने दोनों पक्षों को सुना और दस्तावेजों का परीक्षण किया। न्यायालय ने पाया कि विपक्षीगणों द्वारा सेवा में कमी की गई है। न्यायालय ने सर्विस सेंटर और कंपनी के प्रबंधक को आदेशित किया है कि वह शिकायतकर्ता को मोबाइल की कीमत 35 हजार, मानसिक क्लेश क्षतिपूर्ति के पांच हजार, वाद व्यय के दो हजार रुपए एक माह के भीतर अदा करना सुनिश्चित करें। यदि इस अवधि में धनराशि अदा नहीं की गई तो दोनों विपक्षियों को इस धनराशि पर आठ फीसदी वार्षिक दर से शिकायत दर्ज करने के दिन से ब्याज भी अदा करना होगा।