महिला चिकित्सक के न होने पर खाली पड़ा कक्ष।
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) देवायल में महिला चिकित्सक की तैनाती के बावजूद बीते बृहस्पतिवार को प्रसव के लिए भर्ती गर्भवती का प्रसव पुरुष चिकित्सक की मौजूदगी में कराया गया। सुबह आठ बजे महिला चिकित्सक ने जांच के बाद गर्भवती को भर्ती किया लेकिन उनके अवकाश पर चले जाने के बाद करीब दो बजे पुरुष चिकित्सक ने प्रसव कराया। इससे अस्पताल में महिला चिकित्सक की तैनाती और उनकी उपलब्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार जून में पैसिया अस्पताल से डॉ. सुचेता को सीएचसी देवायल से संबद्ध किया गया था। जून से 11 सितंबर तक अस्पताल में करीब 18 प्रसव हुए। इनमें 12 प्रसव पुरुष चिकित्सकों ने कराए। केवल छह प्रसव महिला चिकित्सक की मौजूदगी में हुए। यानी करीब दो तिहाई प्रसव पुरुष चिकित्सकों ने कराए।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि प्रसव के दौरान वे महिला चिकित्सक को प्राथमिकता देती हैं। महिला चिकित्सक उपलब्ध न होने पर उन्हें पुरुष चिकित्सक के सामने अपनी समस्या बतानी पड़ती है। इससे कई महिलाएं असहज महसूस करती हैं। ओपीडी में भी कई दिन महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं रहतीं। ऐसे में स्त्री रोग से जुड़ी समस्याओं के लिए महिलाओं को पुरुष चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ता है।
सल्ट क्षेत्र के लिए सीएचसी देवायल प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां बड़ी आबादी इलाज के लिए पहुंचती है। गंभीर मामलों में आर्थिक रूप से सक्षम परिवार रामनगर, हल्द्वानी और अन्य शहरों का रुख कर लेते हैं। दूरदराज और गरीब परिवारों के लिए यह आसान नहीं है। ऐसे में ग्रामीण महिलाओं के लिए अस्पताल में महिला चिकित्सक की नियमित उपलब्धता जरूरी है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य, नारायण सिंह रावत ने कहा कि सल्ट में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। ग्रामीणों को ना समय से एम्बुलेंस मिल रही है और ना ही बेहतर इलाज। ऊपर से हमारे क्षेत्र की ग्रामीण महिलाओं को मजबूरी में पुरुष चिकित्सक से प्रसव कराना पड़ रहा है जो शर्मनाक है। यदि तीन दिन में स्थायी महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई तो अस्पताल में तालाबंदी की जाएगी।
प्रभारी चिकित्साधिकारी, डॉ. अक्षय ने कहा कि सीएचसी में वर्तमान में एकमात्र महिला चिकित्सक तैनात हैं जो कुछ दिनों के अवकाश पर हैं। महिला मरीजों की सुविधा को देखते हुए अस्पताल में अतिरिक्त महिला चिकित्सकों की तैनाती के लिए विभाग से मांग की गई है।