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‘पृथ्वी को हरा भरा बनाएं, पेड़, पानी, जंगल बचाएं’

Tue, 23 Apr 2019 01:39 AM IST
दीपक नेगी अमर उजाला ब्यूरो  अल्मोड़ा।
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पृथ्वी दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली निकालते एनसीसी की छात्र-छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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 पृथ्वी दिवस के मौके पर अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत कुविवि एसएसजे परिसर में 77 यूके एनसीसी बटालियन की छात्र-छात्राओं ने सोमवार को एसएसजे परिसर में जागरूकता रैली निकाली और पृथ्वी को बचाने का संकल्प लिया। इस दौरान हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पेड़ कटने से जहां जंगल की हरियाली खत्म हो रही है वहीं जंगली जानवर विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस मौके पर सभी ने युवा साथियों और समाज से जल, जंगल और जमीन जैसे मुद्दों पर आगे आने और प्रकृति को अपने पुराने स्वरूप में लौटाने का आह्वान किया।
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 एसएसजे परिसर में पृथ्वी दिवस पर हुई गोष्ठी में सीनियर एनसीसी बटालियन के हेड कमल जोशी ने कहा कि पर्यावरण बचाने का संकल्प लेने मात्र से पर्यावरण नहीं बचेगा। हम सभी को इसमें भागीदार बनना पड़ेगा और घर के आसपास पौधे लगाकर इसकी शुरुआत करनी होगी। उन्होंने कहा कि जहां पेड़ नहीं हैं वहां पर्यावरण दूषित हो रहा है। जंगल खत्म होने से खाद्य श्रृंखला प्रभावित हुई है और कई पशु-पक्षी आज विलुप्त हो गए हैं। इससे पहले 77 यूके एनसीसी बटालियन की छात्र-छात्राओं ने परिसर में जागरूकता रैली निकाली और पर्यावरण बचाओ, पृथ्वी बचाओ, पेड़ लगाओ, प्लास्टिक हटाओ जैसे नारे भी लगाए। जागरूकता रैली और गोष्ठी में काफी संख्या में एनसीसी की छात्राएं शामिल रहीं। 

हम हैं जिम्मेदार हम ही सुधारेंगे 
अल्मोड़ा। आज पर्यावरण काफी प्रदूषित हो गया है। पेड़ कट रहे और जंगल खत्म हो रहे। पानी के स्रोत सूखने लगे हैं। यही नहीं जंगलों से जंगली जानवर विलुप्त हो रहे हैं। इन सबके जिम्मेदार हम लोग ही हैं। हमें ही इस नुकसान की भरपाई करनी होगी और पृथ्वी को बचाने के लिए अभी से प्रयास करने होंगे। -शीतल राणा। 
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युवा आगे आए जल, जंगल जमीन बचाने 
अल्मोड़ा। प्रकृति का दुरुपयोग हो रहा है। जंगल समतल कर दिए हैं और कंक्रीट में बदल गए हैं। जिससे नदियों में पानी खत्म हो रहा है। मेरा युवा साथियों से आह्वान है कि वह जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए आगे आएं और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी बनें। -रीता बैनवाल। 
पहले खुद से करें पहल 
अल्मोड़ा। पहले हमको खुद जागरूक होना पड़ेगा। यह विडंबना है कि हम पर्यावरण की बात तो करते हैं लेकिन जब हमारे आसपास पेड़ कट रहे होते हैं तो हम मूक दर्शक बन जाते हैं। जब तक हम खुद आवाज नहीं उठाएंगे तो पर्यावरण बचाने की बात बेईमानी होगी। -राजेश गिरी। 
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आओ धरा को इसकी खूबसूरती लौटाएं 
अल्मोड़ा। सभी को अपनी धरा को खूबसूरत बनाने का प्रयास करने के लिए आगे आना चाहिए। पेड़ होंगे तो जंगल रहेगा, पानी होगा, जीव जंतु होंगे और सभी का जीवन सुरक्षित रहेगा। सभी को मिलकर इसके लिए प्रण ही नहीं लेना चाहिए बल्कि ऐसा काम भी करना चाहिए कि हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहे। - पारस सिंह बोरा। 
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