रानीखेत जिला निर्माण की मांग एक बार फिर से उठने लगी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर 15 अगस्त को पूर्व घोषित जिले को मूर्तरूप देने की मांग की है। कहा कि कांग्रेस शासन में तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने भी जिले के शासनादेश को पुनर्जीवित करने के लिए मुख्यमंत्री को 600 से अधिक पत्र लिखे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, ऐसे में जिला निर्माण में वित्तीय संकट आड़े नहीं आना चाहिए।
मालूम हो कि रानीखेत को जिला बनाने की मांग लंबे समय से चली आ रही है, 2011 में तत्कालीन सीएम डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने रानीखेत सहित चार अन्य जिलों की घोषणा की, लेकिन जिला मूर्त रूप नहीं ले पाया। कांग्रेस शासनकाल में भी कमेटियाें का ही गठन हुआ। तत्कालीन सरकार ने वित्तीय संकट का हवाला दिया, जिस कारण जिलों का निर्माण नहीं हुआ। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रदेश सचिव बीडीसी सदस्य त्रिभुवन फर्त्याल, जिपंस अमित पांडे, विनीत चौरसिया, किसान प्रकोष्ठ के गोपाल देव, अभिषेक बिष्ट, परमजीत माहरा, गौरव फर्त्याल, श्याम सिंह माहरा, अरविंद सती आदि थे।