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रानीखेत जिले के लिए फिर भरेंगे हुंकार

Sun, 15 Nov 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
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रानीखेत जिले के लिए अब फेसबुक के साथ ही जमीनी स्तर पर भी आंदोलन शुरू किया जाएगा। अभियान रानीखेत जिला की यहां हुई बैठक में तय हुआ कि इसकी शुरुआत 23 नवंबर से एक दिवसीय धरने के रूप में होगी। इसी दिन आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
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रानीखेत को जिला बनाने की मांग 1960 से चली आ रही है। तब से लेकर स्थानीय नागरिकों ने कई बार आंदोलन किए। 1985 में वृहद आंदोलन हुआ, लेकिन सरकार की तरफ से आश्वासन के सिवाए कुछ नहीं मिला। 1996 में यूपी की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने बागेश्वर, चंपावत जिले की घोषणा की, लेकिन रानीखेत की उपेक्षा हुई।

 2009 में अधिवक्ता संघ और स्थानीय नागरिकों ने संयुक्त रूप से दो माह तक आंदोलन किया। 2011 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने रानीखेत जिले की घोषणा की, लेकिन घोषणा के बावजूद रानीखेत को जिले का दर्जा नहीं मिल सका। जिसके चलते लोगों में भारी आक्रोश है।
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इधर पिछले चार माह से अभियान जिला रानीखेत की तरफ से जिले के लिए फेसबुक पर अभियान चलाया जा रहा है। अब जमीनी स्तर पर भी आंदोलन करने की सहमति बनी है। 23 नवंबर को सुभाष चौक पर धरना दिया जाएगा। जिला अभियान के संयोजक डीएन बडोला, छावनी उपाध्यक्ष मोहन नेगी, संयोजक मंडल सदस्य विमल सती ने सभी से एकजुट होने का आह्वान किया।

 बैठक में कमलेश बोरा, कामरान कुरैशी, गोपाल गोस्वामी, अभियान के एंकर बीएस नेगी, मो. अफजल, वरिष्ठ फुटबाल कोच मो. इदरीश बाबा, पत्रकार जेसी तिवारी, नरेंद्र सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
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