रानीखेत (अल्मोड़ा)। द्वारसौं-काकड़ीघाट मोटर मार्ग का निर्माण कार्य 44 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा है कि 42 किमी मोटर मार्ग पूर्ण नहीं होने के कारण क्षेत्र से पलायन हो रहा है।
यदि शीघ्र मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सूचना के अधिकार में जानकारी मांगी गई तो इस मोटर मार्ग को पीएमजीएसवाई खंड द्वाराहाट को हस्तांतरित होना बताया गया है जबकि शासनादेश में जिन सड़कों के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है उसमें द्वारसौं-काकड़ीघाट मोटर मार्ग का नाम नहीं है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सभी सरकारों ने इस मोटर मार्ग के नाम पर लोगों को गुमराह किया है। कहा कि यदि शीघ्र मार्ग का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में पीसी आर्या, एमएस बोरा, लक्ष्मण सिंह, जीवन लाल, रमेश चंद्रा, सागर सिंह, हरीश सिंह, महेंद्र बोरा, भुवन सिंह आदि थे।