राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के जिलाध्यक्ष दीपक मेहता ने केंद्र सरकार पर मजदूर और कर्मचारी विरोधी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।
इंटक ने बुधवार दो सितंबर को विभिन्न मजदूर यूनियनों के प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को समर्थन जताते हुए सफल बनाने का आह्वान किया है।
यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार निजीकरण को बढ़ावा देकर मजदूरों के हितों पर कुठाराघात कर रही है। आरोप लगाया कि पूंजीपतियों के हित में मोदी सरकार काम कर रही है।
गरीबों और मजदूरों का शोषण हो रहा है। एचएमटी कारखाना बंद कर दिया गया है। मोदी सरकार की कार्यप्रणाली से श्रमिकों की स्थिति आज बंधुवा मजदूरों जैसी हो गई है।
देशभर में श्रमिक वर्ग परेशान है। केंद्र ने मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी मूलभूत आवश्यकताओं वाली योजनाओं के बजट में कटौती कर दी है।
बैंक, रक्षा, बीमा, रेलवे और अन्य क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) देश के हितों के खिलाफ है। केंद्र से श्रम कानूनों में किए गए मजदूर विरोधी संशोधन तुरंत वापस लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि दो सिंतबर की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देश के 67 संगठनों का समर्थन है। बुधवार को सरकारी कार्यालय बंद कराए जाएंगे।
उन्होंने सभी श्रमिक संगठनों से हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है। इस मौके पर पूर्व प्रधान हर्ष कनवाल, गोपाल गुरुरानी, सुंदर लटवाल, जगदीश मेहता आदि मौजूद थे।