एमएमएस प्रकरण पर बवाल चौथे दिन भी जारी रहा। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से भड़के लोगों ने सुबह क्षेत्र के सरकारी, गैर सरकारी और शिक्षण संस्थान बंद करा दिए। ग्रामीण गांधी चौक से जुलूस की शक्ल में संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, यहां धरना प्रदर्शन किया गया। बाद में फरार आरोपी की गिरफ्तारी करने, उसे रानीखेत से भगाने वालों की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग को लेकर संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि गई दो जून तक मांग पूरी नहीं हुई तो वृहद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। यह भी तय हुआ कि पूरे प्रकरण को लेकर व्यापार मंडल के सहयोग से ग्रामीण प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायंकाल चार बजे धरना भी देंगे।
नगर से सटे गांव की एक किशोरी का कथित एमएमएस वायरल होने और क्षुब्ध किशोरी द्वारा आत्महत्या करने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन मुख्य आरोपी कुलदीप कुमार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। उसे गिरफ्तार करने की मांग को लेकर लोग पिछले चार दिनों से सड़कों पर हैं। सोमवार की सुबह व्यापार मंडल पदाधिकारी और ग्रामीणों ने एकत्रित होकर विरोध में क्षेत्र के सरकारी, गैर सरकारी और शिक्षण संस्थान बंद करा दिए।
बाजार में जुलूस प्रदर्शन हुआ। संयुक्त मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन किया गया। यहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के लोग इस मामले में गुमराह कर रहे हैं। जबकि मुख्य आरोपी कुलदीप कुमार को पकड़कर ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया था, तो वह फरार कैसे हो गया। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। मामले को रेगुलर पुलिस को सौंपने को लेकर भी प्रशासन गुमराह करता रहा और तीन दिन बाद यह जांच ट्रांसफर की गई। लोगों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। जिसमें दो जून तक का समय दिया गया।
कहा कि यदि तय समय तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर से सरकारी गैर सरकारी शिक्षण संस्थान बंद कराए जाएंगे। संपूर्ण कार्यक्रम में जिला व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहन नेगी, नगर व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी सहित तमाम प्रतिनिधिनियों के अलावा ब्लॉक प्रमुख रचना रावत, प्रधान देवेंद्र सिंह, प्रधान राजेंद्र सिंह बिष्ट, पूर्व प्रधान दिवान सिंह, दुर्गा देेवी, बीडीसी सदस्य प्रकाश सिंह, गोविंद सिंह, छात्र संघ अध्यक्ष सूरज रावत, पूर्व सैनिक हरी सिंह नेगी, दर्शन बिष्ट, राजेंद्र जसवाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हीरा रावत, भूपेंद्र बिष्ट, छावनी सभासद संजय पंत, जगदीश चंद्र, परमजीत माहरा सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।