चौखुटिया में भटक रही यह महिला।
- फोटो : अमर उजाला
तो क्या यह महिला मध्य प्रदेश से आकर कहीं तीर्थ यात्रा कि दौरान भटक तो नहीं गई थी। पिछले पंद्रह दिनों से क्षेत्र में आई इस महिला की बातों को सुनकर तो यही प्रतीत हो रहा है। अपना नाम सुखमद बाई बता रही महिला की उम्र 50 से 55 के बीच प्रतीत होती है। अध्यात्मिक स्वभाव की यह महिला सफाई पर विशेष ध्यान दे रही है।
करीब पंद्रह दिनों से क्षेत्र में आई एक महिला की बातों को सुनकर उसके अपने साथी यात्री दल से भटक जाने अथवा किसी सदमे के चलते याददाश्त कम हो जाने का अहसास हो रहा है। महिला अपना नाम सुखमद बाई, थाना रायपुर (मध्यप्रदेश) बता रही है। बताती है कि वह नान गांव के एक स्कूल में खाना बनाती थी। उसकी तीन बेटियां गौरी, चंद्रकांता और भूरी हैं जबकि बेटे का नाम बिदेशिया है। बताती है कि उसके पति का देहांत बहुत पहले ही हो चुका है। कहती है कि हमारे वहां पति का नाम नहीं लिया जाता है। महिला बताती है कि वह बहुत पहले उत्तराखंड की यात्रा पर आई थी। यात्रा पर कब आई इसके बारे में भी उसे याद नहीं है। महिला अकेले में बड़बड़ाते हुए यही कहती है कि नदी किनारे की जमीन मत देना।