अल्मोड़ा। सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में प्रसिद्ध नंदादेवी महोत्सव जारी है। मंगलवार को सप्तमी के दिन बाजार होते हुए कदली वृक्षों को विधि विधान से नगर के विभिन्न बाजारों से होते हुए नंदादेवी मंदिर परिसर में लाया गया। जहां मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण किया गया। रात्रि में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। चंदवंशी युवराज नरेंद्र चंद्र सिंह ने कदली वृक्षों की पूजा अर्चना की।
26 अगस्त को अष्टमी के दिन रात्रि में त्रांत्रिक पूजा होगी।मंगलवार को सप्तमी के दिन मंदिर समिति और पुजारी लक्ष्मेश्वर पहुंचे। यहां से कदली वृक्षों को नंदादेवी मंदिर परिसर में लाया गया। मंदिर परिसर में कदली वृक्षों की पूजा-अर्चना की गई। उसके बाद दिन में मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का निर्माण शुरू हुआ। रात्रि को विधि विधान से मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। मंदिर के मुख्य पुजारी लीलाधर जोशी, सहायक पुजारी तारा दत्त जोशी, प्रमोद पाठक ने पूजा संपन्न कराई।
26 अगस्त को अष्टमी के दिन सुबह महिलाएं मां नंदा-सुनंदा की पूजा करेंगी। रात्रि में तांत्रिक पूजा होगी। जिसे चंदवंशी युवराज नरेंद्र चंद्र सिंह और उनका परिवार द्वारा किया जाएगा। 28 अगस्त को शाम चार बजे मंदिर से मां नंदा और सुनंदा की शोभायात्रा निकलेगी। यात्रा परंपरागत मार्गों से होते हुए दुगालखोला पहुंचेगी। जहां मूर्तियों को जलाशय मेें विसर्जित किया जाएगा।
यहां नंदादेवी मंदिर समिति के अध्यक्ष मनोज वर्मा, मुख्य संयोजक मनोज सनवाल, सांस्कृतिक संयोजक तारा चंद्र जोशी, सचिव एलके पंत, सलाहकार दिनेश गोयल, किशन गुरुरानी, व्यवस्थापक अनूप शाह, मुन्ना वर्मा, संयोजक हरीश बिष्ट, अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा, नरेंद्र नाथ वर्मा, धन सिंह, अतुल अग्रवाल आदि मौजूद थे।