अल्मोड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अंतर्राष्ट्रीय जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में जीआईसी कठपुडिय़ा में विधिक साक्षरता शिविर लगया। प्राधिकरण के सचिव डा. शेष चंद्र ने छात्र-छात्राओं को असंतुलित जनसंख्या वृद्धि के दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर पहल होने से ही जनसंख्या का स्थरीकरण संभव है।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या में हो रही बढ़ोतरी से विश्व के सभी देश प्रभावित हो रहे हैं। आबादी विकराल रूप से बढ़ने के कारण जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। इसके नियंत्रण को सभी स्तरों पर प्रभावी पहल करनी जरूरी है। प्रधानार्चाय वंशीधर जोशी, जगदीश चंद्र, पीएलवी राजेंद्र प्रसाद जोशी आदि ने भी विचार रख्ेा।
राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ की गोष्ठी में वैश्विक स्तर पर जनसंख्या में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि जनसंख्या का दबाव बढ़ने से कई देशों में भुखमरी, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि की समस्याओं के साथ ही मानव तस्करी बढ़ रही है। पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनसंख्या को नियंत्रित करने को देश में सरकारें कई योजनाएं चला रही हैं, लेकिन जागरूकता के अभाव में कार्यक्रम पूरी तरह सफल नहीं रहे। लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही प्रभावी जन जागरूकता अभियान से विकराल रूप से बढ़ रही जनसंख्या पर नियंत्रण पाया जा सकता है। गोष्ठी में डा. जेसी दुर्गापाल, सुनीता दानू, किरन पांडे, गोदावरी दानू आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता महेंद्र अधिकारी और संचालन डीके जोशी ने किया।