अल्मोड़ा। भले ही चालकों की हड़ताल खत्म हो गई है, लेकिन जिले में अब भी रसोई गैस की आपूर्ति पटरी पर नहीं आई है। गोदाम में सिलिंडर का स्टॉक खत्म हो चुका है और हल्द्वानी डिपो से रसोई गैस का एक भी वाहन नहीं पहुंचा। ऐसे में एजेंसी की ओर से सिलिंडरों का वितरण नहीं हो सका, इससे लोग परेशान रहे। निर्धारित स्पॉट पर सिलिंडर रिफिल कराने के लिए पहुंचे लोग गैस वाहन पहुंचने का इंतजार करते रहे लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। उपभोक्ताओं को खाली सिलिंडरों के साथ घर लौटना पड़ा।
अल्मोड़ा जिले की आठ से अधिक एजेंसी में रोजान तीन हजार से अधिक सिलिंडर लेकर 14 ट्रक पहुंचते हैं। इन एजेंसी के माध्यम से हर रोज उपभोक्ताओं के 2500 सिलिंडर रिफिल होते हैं। चालकों की हड़ताल के चलते रसोई गैस की आपूर्ति लड़खड़ा गई थी। बीते मंगलवार को हड़ताल खत्म होने से आपूर्ति सुचारू होने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तीसरे दिन बुधवार को मैदानी क्षेत्रों से एक भी ट्रक सिंलिंडर लेकर नहीं पहुंचा। नगर में संचालित चौघानपाटा, धारानौला एजेंसी में सिलिंडरों का स्टॉक नहीं होने से रसोई गैस का संकट गहरा गया है। बुधवार को धारानौला, खत्याड़ी और खोल्टा में सिलिंडर बांटने की तिथि तय है। लोग सिलिंडर लेकर घंटों गैस वाहन पहुंचने का इंतजार करते रहे। संवाद
सब्जी, खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुचारू
अल्मोड़ा। जिले में हर रोज मैदानी क्षेत्रों से 30 से अधिक ट्रक सब्जी और खाद्य सामग्री लेकर यहां पहुंचते हैं। दो दिनों से मैदानी क्षेत्रों में अटके ट्रक बुधवार सुबह सब्जी और खाद्य सामग्री लेकर जिले में पहुंचे, इससे आपूर्ति सुचारू हुई।
ईधन की किल्लत हुई दूर
अल्मोड़ा। दो दिनों से टैंकर न पहुंचने से जिले के अधिकतर पेट्रोल पंप में ईधन खत्म हो गया था या समाप्ति के कगार पर था। बुधवार को टैंकर पहुंचने से सभी पेट्रोल पंप में ईधन की किल्लत दूर हो गई है।
रोडवेज बस संचालित होने से यात्रियों को राहत
अल्मोड़ा। चालकों की हड़ताल से अल्मोड़ा और रानीखेत डिपो में सभी 24 बस का संचालन बंद था, इससे यात्री परेशान थे। उन्हें टैक्सी और केमू के भरोसे सफर करना पड़ रहा था। दो दिन में ही निगम को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। बुधवार को सभी बस का संचालन हुआ, इससे यात्रियों और निगम ने राहत महसूस की।
कोट
चालकों की हड़ताल खत्म होने पर आपूर्ति सुचारू हो गई है। रसोई गैस के वाहन भी जल्द पहुंचेंगे और व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। फिलहाल रसोई गैस की किल्लत नहीं है।
- मुकेश पाल, जिला पूर्ति अधिकारी, अल्मोड़ा।
कोट
रसोई गैस के वाहन नहीं पहुंचने से सिलिंडर नहीं बंट सके। जल्द वाहनों के पहुंचने की उम्मीद है। एक-दो दिन में व्यवस्था ठीक हो जाएगी।
- पान सिंह मेर, प्रबंधक, गैस एजेंसी, धारानौला।
कोट
सभी बस का संचालन शुरू हो गया है। सभी बस तय रूट पर संचालित हुईं। निश्चित तौर पर निगम के लिए यह राहत की बात है।
- राजेंद्र कुमार आर्या, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।