गरुड़ में गरुड़ भगवान की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा पर निकली कलश यात्रा ध्वजाओं के साथ
गरुड़ ( बागेश्वर )। पहले नवरात्र को माता रानी के भक्तों ने कोट भ्रामरी मंदिर में पूजा अर्चना की। अपने कुल पुराेहितों से अनुष्ठान कराया। महिलाओं ने बाजे गाजे और ध्वजाओं के साथ गोलू मंदिर से बैजनाथ धाम तक कलश यात्रा निकाली। मंत्रोचारण के साथ गोलू मंदिर में गोलू की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। 38 साल बाद भगवान गरुड़ को अपना घर मिल गया है। गरुड़ भगवान को घर मिलने पर समूचे क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर की।
नवरात्र के पहले दिन सिल्ली, पाये, नौघर, टीट बाजार की महिलाओं ने गोलू मंदिर से बैजनाथ धाम तक व्यापार संघ के अध्यक्ष लक्ष्मी दत्त पांडे के नेतृत्व में कलश यात्रा निकाली। उसके बाद गोलू मंदिर में गोलू भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। गोलू मंदिर में विष्णु कथा शुरू हुई। कथावाचक राजेंद्र पांडे के प्रवचन को सुनने दूर दराज से भक्त पहुंचे थे। शाम को 6 बजे मंदिर आरती हुई। उसके बाद भंडारा हुआ।
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गरुड़ में गरुड़ भगवान की मूर्ति अस्सी के दशक तक पुराने डाकघर गरुड़ बाजार के सामने थी। मूर्ति स्थल अब दुकानों में तब्दील हो गया है। व्यापार संघ अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी दत्त पांडे ने गोलू मंदिर के पास गरुड़ भगवान का मंदिर का निर्माण करने के साथ साथ आज गरुड़ भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई। प्रतिष्ठा के मौके पर सांसद प्रत्याशी अजय टम्टा, शिव सिंह बिष्ट, नंदन सिंह अल्मिया, घनश्याम जोशी, शशांक रावत आदि मौजूद थे।