तीन माह से तहसील के चक्कर लगाने के बावजूद चरित्र प्रमाण पत्र न बनने से गुस्साए सामाजिक कार्यकर्ता हीरासिंह बिष्ट ने तहसील कार्यालय कक्ष में पहुंचकर वहां तैनात कर्मिर्यों को बाहर कर तालाबंदी कर दी। एक घंटे की वार्ता के बाद ताला खोल दिया गया। इस दौरान तहसील में गहमा-गहमी बनी रही।
सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह बिष्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उन्होंने गत 21 जुलाई को चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। इस दौरान वे तहसील के चक्कर लगाते रहे। तीन माह बीतने को हैं, लेकिन उनका प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है।
इसी से गुस्साए श्री बिष्ट ने शनिवार को सुबह करीब पौने ग्यारह बजे तहसील के कार्यालय कक्ष में तैनात कर्मियों को बाहर कर कार्यालय में तालाबंदी कर दी।
बाद में तहसीलदार कक्ष में हुई एक घंटे की वार्ता के बाद ताला खोल दिया गया श्री बिष्ट के साथ आए रमेश कठायत आदि ने तहसील में प्रमाण पत्र बनने में हो रहे बेवजह के विलंब को लेकर रोष जताया।
इधर तहसीलदार दीवानसिंह बिष्ट ने बताया कि राजस्व उप निरीक्षक ने रिपोर्ट देने में डेढ़ महीने का समय लगा दिया, इसी के चलते प्रमाण पत्र बनने में विलंब हुआ। श्री बिष्ट ने इस बारे राजस्व निरीक्षक के रवैए पर नाराजगी जताई।