जल ही अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और लोक फॉल्ट से निजात मिल जाएगी। केंद्र सरकार के रि-स्ट्रकचर्ड एक्सलेरेेटेड पावर डेवपलमेंट रिफार्म प्रोग्राम (आरएपीडीआरपी) के तहत 10 करोड़ लागत से अल्मोड़ा शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली लाइनों का सुधारीकरण और ट्रांसफार्मर लगाए जा रहे हैं। विभाग ने आठ माह में 70 फीसदी काम कर लिया है। शेष अगले तीन माह में पूरा हो जाएगा।
आरएपीडीआरपी योजना में बिजली विभाग को अल्मोड़ा नगर की लाइनों के सुधारीकरण और नए ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए थे। इससे नगर में 11केवी की 15.324 किमी लंबी लाइन, 69.413 किमी एलटी लाइन में बिजली के खुले तारों के स्थान में इंसुलेटेड केबल डाली जानी है, जबकि सौ केवी के 60 ट्रांसफार्मर, 63 केवी के पांच ट्रांसफार्मर नगर में विभिन्न स्थानों पर लगाए जाने हैं, ताकि लोगों को बिजली अव्यवस्था से निजात मिलने के साथ ही लो-वोल्टेज, ब्रेकडाउन, बिजली चोरी पर अंकुश लग सके।
बिजली विभाग के प्रोजेक्ट डिवीजन रानीखेत ने गत अक्तूबर में काम शुरू किया। अनुबंध के मुताबिक एक साल के भीतर काम पूरा होना है। विद्युत वितरण खंड अल्मोड़ा के अधिशासी संजय कुमार ने बताया कि 11 केवी की आठ किमी लाइन, 66 किमी एलटी लाइन के अलावा 100 केवी के 59 ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं। इनमें से 43 चालू कर दिए गए हैं। जबकि 63 केवी के पांच ट्रांसफार्मर लगने हैं। इनमें से एक ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है। विभाग ने 11 केवी और 240 वोल्ट की लाइन डालने के लिए जीर्ण-शीर्ण पोलों के स्थान पर करीब 200 नए पोल भी लगाए हैं। सुधारीकरण का काम ढूंगाधारा, खत्याड़ी, लक्ष्मेश्वर, थाना बाजार, पल्टन बाजार क्षेत्र में शेष बचा है।
मालरोड में रही बिजली गुल
विद्युत लाइन सुधारकीरण कार्य के चलते मालरोड में बस स्टेशन के समीप से शिखर तिराहे तक दिनभर बिजली गुल रही। बिजली विभाग द्वारा खुले तारों के स्थान पर इंसुलेटेड केबल डाली गई। बिजली नहीं होने से इन क्षेत्रों के लोगों को दिक्कतें हुई। शाम को इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू हुई।