मौलेखाल(अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड के झिमार पशु सेवा केंद्र में तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी पर किसानों ने पशुओं का उपचार नहीं करने का आरोप लगाया है। किसानों का आरोप है कि पशुधन प्रसार अधिकारी पशुओं का उपचार नहीं कर रहे, जिससे वे परेशान हैं। मामले का खुलासा होने पर विभाग ने संबंधित पशुधन प्रसार अधिकारी से जवाब-तलब कर उसके खिलाफ जांच बैठाई है।
सल्ट के झिमार पशु सेवा केंद्र से बिरलगांव, झिमार, भीताकोट, गढ़कोट मल्ला, तल्ला, गेठिया, मसनियाबांज सहित 15 से अधिक गांव के एक हजार से अधिक किसानों को उनके पशुओं के उपचार की सुविधा मिलती है। किसानों का आरोप है कि यहां तैनात पशुधन प्रसार अधिकारी पशुओं का उपचार करने मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में कई पशु बीमार हैं। लेकिन उन्हें उपचार न मिलने से किसानों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। कई बार पशुधन प्रसार अधिकारी को पशुओं के बीमार होने की सूचना दी गई लेकिन उन्होंने गांवों की तरफ मुड़कर नहीं देखा है।
आरोप लगाया कि पशुधन प्रसार अधिकारी साफ तौर पर गांव आने से मना कर रहे हैं और किसानों के लिए गाय, भैंस जैसे बड़े जानवरों को बदहाल रास्तों के बीच पशु सेवा केंद्र पहुंचाना नामुमकिन है। प्रारंभिक जांच में विभाग को सभी आरोप सही मिले। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने पशुधन प्रसार अधिकारी से जवाब-तलब कर इस पूरे मामले की जांच बैठाई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर ने कहा कि निश्चित तौर पर पशुधन प्रसार अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
लॉकडाउन में घर लौटकर बकरी पालन से जुड़े प्रवासी परेशान
मौलेखाल। क्षेत्र में 20 से अधिक प्रवासी कोरोना काल में लगे लॉकडाउन में बेरोजगार होकर मैदानी क्षेत्रों से घर लौटे हैं जो बकरी पालन कर रोजगार कर रहे हैं। लेकिन बीमार बकरियों को उपचार न मिलने से वे परेशान हैं। इससे उनकी आजीविका भी खतरे में पड़ गई है।
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बोले किसान
लॉकडाउन में बेरोजगार होकर घर लौटने के बाद बकरी पालन कर रहे हैं। लेकिन उन्हें उपचार नसीब नहीं हो रहा है। पशुधन प्रसार अधिकारी से गुहार लगाने पर वह इससे हाथ पीछे खींच रहे हैं। आनंद सिंह बंगारी, झिमार।
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हम अपने पशुओं का उपचार करने के लिए कहां जाएं, यह समझ नहीं आ रहा है। विभाग को ऐसे लापरवाह अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर हमें राहत पहुंचानी चाहिए।
गोपाल सिंह, झिमार।