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लीसा श्रमिकों, ठेकेदारों ने दिया धरना, नारेबाजी कर विरोध जताया

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अल्मोड़ा में डीएफओ कार्यालय प्रांगण में धरने पर बैठे लीसा श्रमिक। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। लीसे के भुगतान की मांग को लेकर लीसा श्रमिक संगठन का प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय में चल रहा धरना बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। लीसा श्रमिकों और ठेकेदारों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। उन्होंने मांगें जल्द पूरी न होने पर 12 फरवरी को वन विभाग के कार्यालयों में तालाबंदी करने का एलान किया।
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धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि पांच साल बीत जाने के बाद भी वन विभाग के किसी भी उच्च अधिकारियों द्वारा समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। वन विभाग की लापरवाही के कारण श्रमिकों के परिवार भुखमरी के कगार पर हैं। वन विभाग द्वारा पांच साल से भुगतान रोकने के कारण लीसा श्रमिकों, ठेकेदारों की स्थिति काफी दयनीय हो गई है।
उन्होंने कहा कि लीसा श्रमिकों, ठेकेदारों को जल्द 2015-16 का भुगतान किया जाए। भुगतान नहीं करने पर 12 फरवरी को प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय अल्मोड़ा, प्रभागीय वनाधिकारी सिविल एवं सोयम वन प्रभाग, वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत के कार्यालयों में तालाबंदी करने का एलान किया। धरने पर हरीश पांडे, राधा बल्लभ, कुशाल सिंह, महेश रौतेला, धर्मानंद पांडे, दिवाकर चौधरी, जगत सिंह, मोहन सिंह, दान सिंह, देवेंद्र बिष्ट, मंजू किरौला, पूरन कांडपाल, दिगंबर सिंह, हरीश डांगी, खीम सिंह, भूपाल रावत, बलवंत पूना, चेतन जोशी, हेमंत बिष्ट आदि बैठे।
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