शराब की दुकान बंद करने और बीयर बार का लाइसेंस नहीं देने की मांग को लेकर महिलाएं सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंच गईं। उन्होंने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। महिलाओं ने कहा कौसानी से मनान और लोद से आगर रौलकुड़ी तक शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
लक्ष्मी आश्रम कौसानी की बसंती बहन के नेतृत्व में क्षेत्र की महिलाएं तहसील कार्यालय पहुंची और पेशकार के माध्यम से मुख्यमंत्री को इस संबंध में ज्ञापन भेजा। महिलाओं का कहना है कि शराब से पहाड़ में कई घर बर्बाद हो गए हैं। घरेलू और महिला हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। सायं के समय महिलाओं का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। सरकार को जनता के हितों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा शराब की दुकानें खुलने से युवा और बच्चे नशे की लत में पड़ रहे हैं, ये युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की क्षेत्र की शराब की दुकान बंद की जाए और बीयर बार का लाइसेंस नहीं दिया जाए, अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा शराब की दुकान और बीयर बार का विरोध करने के लिए बौरारो घाटी की महिलाएं और जनसंगठन लामबंद होंगे। क्षेत्रवासियों ने आबकारी मंत्री और प्रधानमंत्री को भी ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन देने वालों में बसंती बहन, पुष्पा बोरा, माया वर्मा, तुलसी साह, शांति बोरा, कौशल्या देवी, भगवती देवी, लीला देवी, कौशल्या बिष्ट हीरा देवी, पुष्पा देवी, नीमा देवी आदि शामिल थीं।