अल्मोड़ा। जंक फूड युवाओं को कैंसर के जोखिम की तरफ धकेल रहा है। 20 से 40 वर्ष के लोगों में ब्रेस्ट, किडनी, थायराइड, ल्यूकेमिया और एंडोमेट्रियल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। कैंसर की स्क्रीनिंग के प्रति भी लोगों में जागरूकता की कमी है। इस वजह से कैंसर का पता समय पर नहीं चल पाता है। जब पता चलता है जब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
बदलती जीवन शैली में अधिकांश बच्चों और युवाओं को घर का खाना पसंद नहीं है। खराब जीवनशैली का उनकी सेहत पर भी असर पड़ रहा है। आलम ये है कि स्कूली बच्चे टिफिन में भी जंक फूड लेकर जाते हैं। युवा गुटका, तंबाकू का सेवन करते हैं। जंक फूड के अधिक इस्तेमाल से लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। इसमें बच्चे और युवाओं की संख्या अधिक है। चिकित्सकों के मुताबिक कैंसर की स्क्रीनिंग भी बहुत कम लोग कराते हैं इस कारण कैंसर का पता समय पर नहीं चल पाता है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में लोग उपचार को आते हैं लेकिन यहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर किया जाता है।