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Almora News: सात दशक बाद भी नहीं सुलझी नौगांव इंटर कालेज की पेयजल समस्या

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नौगांव इंटर कालेज - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। सरकारी विद्यालयों को चाक चौबंद करने की बातें केवल कोरी साबित हो रही हैं। क्षेत्र का नौगांव इंटर कॉलेज पिछले 72 साल से पानी की बाट जोह रहा है। पेयजल न होने से स्कूल में मध्याह्न भोजन (मिड-डे-मील) प्रभावित हो रहा है। स्कूल की प्रबंध समिति और अभिभावक समस्या के निदान के लिए 21 फरवरी से आंदोलन का मन बना रहे हैं।
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वर्ष 1950 में जूनियर हाईस्कूल के रुप में स्थापित नौगांव इंटर कॉलेज कफड़ा अब उच्चीकृत हो चुका है लेकिन क्षेत्र की पेयजल समस्या नहीं सुलझ सकी है। पेयजल समस्या सुलझाने के लिए विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष बचे सिंह बिष्ट ने कुमाऊं आयुक्त सहित कई अन्य अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। इसमें 20 फरवरी तक समस्या न सुलझने पर 21 से आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व में विद्यालय के पास प्राकृतिक नौला था जो अब पूरी तरह से सूख चुका है। स्कूल के उच्चीकृत होने के साथ विद्यालय की छात्र संख्या भी बढ़ रही है। अब यहां 263 विद्यार्थी पढ़ते हैं। पूर्व में ग्राम पंचायत सतीनौ गांव से अस्थायी व्यवस्था के रूप में पेयजल उपलब्ध कराया गया था। कुछ वर्षों से वह भी बाधित है।
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पेयजल समस्या सुलझाने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए लेकिन हर बार झूूठे आश्वासनों के माध्यम से छला गया है। 21 फरवरी से निर्णायक संघर्ष होगा। -बचे सिंह बिष्ट, अध्यक्ष, प्रबंध समिति।
स्कूल में पानी की समस्या बरकरार है। कई बार विभागीय अधिकारियों से मांग की गई लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। पारंपरिक जलस्रोत भी अब जवाब दे चुके हैं। यदि विभाग नहीं सुनते तो आंदोलन ही एकमात्र रास्ता होगा। -शैैलेंद्र सिंह रावत, स्कूल प्रबंधक।
हम पिछले कई दशकों से पानी की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। प्राचीन प्राकृतिक जल स्रोत भी पूरी तरह से सूख गया है। विद्यालय में पानी न होने से मध्याह्न भोजन प्रभावित हो रहा है। - प्रताप सिंह रावत, सह प्रबंधक।
नौगांव इंटर कॉलेज में पिछले 70 साल से पेयजल की कमी है। किसी ने भी समस्या नहीं सुलझाई। कई बार मांग करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए अब आंदोलन ही एकमात्र सहारा है। - दिनेश कबड़वाल, पूर्व प्रबंधक।
यह पेयजल योजना काफी पुरानी है। इसके स्रोत में पानी की कमी है। सतीनौगांव योजना से मेल्टा को भी पानी दिया जाता है जिससे समस्या बनी है। हर घर नल, हर घर जल योजना के तहत छबीसा मासर के लिए जल निगम पंपिंग योजना बना रहा है जिसमें समय लगेगा। - एसएस रौतेला, जेई, द्वाराहाट।
यह अशासकीय विद्यालय है। प्रबंध समिति अपने संसाधनों से व्यवस्था कर सकती है। फिर भी उनके पत्राचार के बाद जल संस्थान रानीखेत के ईई ने सार्थक कार्यवाही का आश्वासन दिया है। -श्याम सिंह बिष्ट, बीईओ, द्वाराहाट।
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