मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट ब्लॉक क्षेत्र में दो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के चलते 100 से अधिक गांवों में तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है। वहीं ग्रामीणों को बिजली कटौती का सामना भी करना पड़ रहा है। बिजली और पेयजल आपूर्ति के लिए जल संस्थान और यूपीसीएल आमने-सामने हैं। दोनों संस्था अपनी जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे हैं जिसकी मार क्षेत्र की पंद्रह हजार से अधिक की आबादी को सहनी पड़ रही है।
मौलेखाल, जालीखान, कपराढैया, तड़ी टुकनौली, तहसील चौक, प्रेमनगर, खुमाड़, शशिखाल, नौपटुवा, औलेत, ढहला, ध्याड़ी, नदोली सहित क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के लोगों की प्यास बुझाने वाली सबसे बड़ी शशिखाल-कोटेश्वर योजना तीन दिन से बंद है। इस कारण इन गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। ऐसे में लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह है कि योजना का संचालन करने वाला जल निगम बिजली कटौती होने से पानी लिफ्ट न होने की बात कर रहा है। वहीं यूपीसीएल का कहना है कि योजना के पंप खराब होने से 33 केवीए लाइन में बार-बार खराबी आ रही है और बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। यूपीसीएल जल निगम को नोटिस जारी करने की बात कर रहा है। नतीजतन दो संस्थानों की आपसी लड़ाई में क्षेत्र के लोगों को न तो पानी मिल पा रहा है और न ही बिजली। ऐसे में ग्रामीण किसी तरह पानी की व्यवस्था कर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मजबूर हैं।
रोज पांच से छह घंटे हो रही बिजली कटौती
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। दो संस्थाओं की आपसी लड़ाई में सल्ट ब्लॉक के लोगों की दिक्कत बढ़ गई है। बीते तीन दिनों से क्षेत्र के लोग बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। हालात यह हैं कि गर्मी में रोज पांच से छह घंटे की कटौती हो रही है और लोग पंखे तक नहीं चला पा रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में भी कामकाज प्रभावित हो रहा है। तहसील, विकासखंड सहित अन्य कार्यालयों में लोग प्रमाणपत्र बनाने और अन्य जरूरी कामों के लिए पहुंच रहे हैं लेकिन बिजली गुल रहने से काम नहीं हो पा रहा है। उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
मानिला में भी गहराया पानी का संकट
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मानिला भी पेयजल संकट गहरा गया है। मानिला-बर्किंडा पेयजल योजना से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही जिससे क्षेत्र की 400 की आबादी परेशान है। हालात यह हैं कि नल और स्टैंडपोस्ट पर घंटों तक लाइन लगाने के बाद भी लोगों को महज 40 से 50 लीटर पानी ही मिल पा रहा है। क्षेत्र में कोई अन्य पेयजल स्रोत न होने से समस्या गंभीर बनी है।
बोले लोग
तीन दिन से बिजली, पानी के लिए जूझ रहे हैं। क्षेत्र में जल स्रोत न होने से समस्या और भी गंभीर हो गई है। न जाने कब मिलेगा पानी। - बलवंत रावत, तहसील चौक, सल्ट।
करोड़ों की पंपिंग योजना के बाद भी पानी नहीं मिल रहा। तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप है लेकिन किसी को हमारी परेशानी नहीं दिख रही है। - रविंद्र सिंह, प्रेमनगर, सल्ट।
दोनों विभागों की लापरवाही की मार हमें सहनी पड़ रही है। न तो पानी मिल रहा है और न ही बिजली। व्यवस्थाओं में जल्द सुधार होना चाहिए। - शिवेंद्र बोरा, मौलेखाल, सल्ट।
सरकारी मशीनरी की लापरवाही से हमें पानी, बिजली नहीं मिल रही है। नल से हर घर जल पहुंचाने के लिए अब आंदोलन किया जाएगा। - योगेंद्र अधिकारी, मौलेखाल, सल्ट।
शशिखाल-कोटेश्वर योजना के पंप हाउस में खराबी होने से बिजली आपूर्ति में दिक्कत हो रही है। बार-बार बिजली लाइन में खराबी आ रही है। इस संबंध में जल निगम को नोटिस भेजा गया है। क्षेत्र में बिजली कटौती की यह मुख्य वजह है। - वसीम अहमद, जेई, यूपीसीएल, सल्ट।
बिजली कटौती के कारण पानी लिफ्ट नहीं हो रहा है जिससे दिक्कत आ रही है। पंप में कोई खराबी नहीं है। बिजली आपूर्ति सामान्य होते ही लोगों को पर्याप्त पानी मिलेगा। - अरविंद नेगी, एई, यांत्रिक विभाग, जल निगम, अल्मोड़ा।