अल्मोड़ा। जिले के ताड़ीखेत विकासखंड में जीआईसी जैना का भवन जर्जर है। इसकी दीवारों और छत पर दरारें पड़ चुकीं हैं जिससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। कुछ भवनों में डाली गई टिन की छत के तेज हवा में उड़ने का खतरा बना है। इसके बावजूद भवन सुधारीकरण के प्रयास नहीं हो रहे।
जीआईसी जैना का जर्जर भवन वहां पढ़ने वाले 250 विद्यार्थियों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है। भवन की जर्जर दीवारों और छत में दरारें पड़ चुकी हैं। कुछ भवनों में डाली गई टिन की छत तेज हवा के कारण कभी भी गिर सकती है। ऐसे में यहां विद्यार्थी खतरे के बीच पढ़ रहे हैं। पीटीए और एसएमसी की बैठक में हर बार विद्यालय भवन के सुधारीकरण का प्रस्ताव पारित किया जाता है लेकिन विभागीय अधिकारियों को बताने के बावजूद इसके सुधारीकरण के सार्थक प्रयास नहीं हो सके हैं।
शिक्षकों की भी कमी
अल्मोड़ा। विद्यालय में वर्ष 2006 से हिंदी, भौतिक विज्ञान, वर्ष 2019 से अर्थशास्त्र के प्रवक्ता का पद खाली है। एलटी संवर्ग में कला विषय के शिक्षक का पद खाली है। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे छात्र-छात्राओं समेत उनके अभिभावक भी चिंतित हैं।
विद्यालय भवन के सुधारीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर ही यह संभव है। - शैलेंद्र सिंह चौहान, खंड शिक्षाधिकारी, ताड़ीखेत।