शनिवार तड़के लमगड़ा ब्लॉक के अंतर्गत छड़ौंजा के पास सुअर को फंसाने के लिए लगाए गए फंदे में एक तेंदुआ फंस गया। बाद में वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी गई। बाद में वन कर्मियों ने तेंदुए को ट्रैंक्यूलाइज कर तार से निकालकर पिंजरे में डाला गया। इस तेंदुए को अल्मोड़ा स्थित रेसक्यू सेंटर लाया गया है जहां तेंदुए का उपचार किया जा रहा है। उसे जल्द ही जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक लमगड़ा चायखान के कीना वन पंचायत के जंगल में सुअर को फंसाने के लिए लगाए गए तार के फंदे में एक तेंदुआ फंस गया। सुबह तेंदुए की गुर्राहट सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए। देखते ही देखते वहां भारी संख्या में लोग जमा हो गए। कुछ लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। करीब दो घंटे बाद आरओ मनोज सनवाल के नेतृत्व में पहुंची वन विभाग की टीम ने ट्रैंक्यूलाइज गन से तेंदुए को बेहोश किया और उसके बाद पिंजरे में डालकर अल्मोड़ा एनटीडी स्थित रेसक्यू सेंटर पहुंचाया।
वन क्षेत्राधिकारी बिंसर केवलानंद पांडे ने बताया कि तारबाड़ में फंसा घायल तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र करीब साढ़े तीन से चार साल की है। उन्होंने बताया कि तेंदुए को लगी अंदरूनी चोट का उपचार किया जा रहा है। स्वस्थ होने के बाद तेंदुए को दूरस्थ जंगल में छोड़ दिया जाएगा। तेंदुए को पकड़ने वाली टीम में मनोज सनवाल, केवलानंद पांडे के अलावा सुधांशु जोशी आदि शामिल थे। उधर तेंदुए के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।