अल्मोड़ा। नगर के दुगालखोला में शनिवार को दिनदहाड़े एक तेंदुए ने महिला पर हमला कर दिया। महिला ने साहस दिखाते हुए शोर मचाया तो तेंदुआ उसे छोड़कर भाग गया। हमले में महिला के हाथ पर पंजे के निशान आए हैं। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दिन में हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में तेंदुए का खौफ और बढ़ गया है।
पहाड़ की शांत फिजाओं में बढ़ती मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। जंगलों से निकलकर वन्यजीव अब घरों की चौखट तक पहुंचने लगे हैं। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे दुगालखोला में घात लगाए बैठे तेंदुए ने बबीता वर्मा पर झपट्टा मार दिया। महिला के शोर मचाने पर तेंदुआ वहां से भाग निकला।
हमले में बबीता के हाथ पर तेंदुए के पंजों के निशान आए हैं। इसके बाद भी तेंदुआ काफी देर तक एक मकान से दूसरे मकान के आंगन में दौड़ता रहा, जिससे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। लोगों के चीखने-चिल्लाने पर तेंदुआ किसी तरह जंगल की ओर भाग गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल महिला का हाल जाना। नगर के बीचोंबीच दिन के समय भी तेंदुए की सक्रियता बढ़ने से लोगों में डर का माहौल है।
हवालबाग रेंज के रेंजर मोहन राम आर्या ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में तेंदुए की तलाश में गश्त शुरू कर दी। क्षेत्र में पिंजरा भी स्थापित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीम तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
तीन तेंदुए एक साथ सीसीटीवी में हो चुके हैं कैद
दुगालखोला में करीब एक सप्ताह पहले देर रात एक साथ तीन तेंदुओं की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थीं। इसका वीडियो वायरल होने के बाद से ही लोगों में खौफ बना हुआ था। ऐसे में अब दिन के समय तेंदुए के घर के आंगन तक पहुंचकर महिला पर हमला करने की घटना से लोग बुरी तरह सहम गए हैं। क्षेत्र निवासी सतीश उपाध्याय, उमेश सिंह नयाल, भूपेंद्र गोस्वामी, संजय पांगती और दीपक शर्मा ने वन विभाग से तेंदुओं के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
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