पितना गांव के बाद तेंदुए ने हवालबाग ब्लाक के चिनौला गांव में लीसा श्रमिक को मार डाला। जंगल गई महिलाओं ने गोलूछीना बसंतपुर गाड़ के पास श्रमिक का शव देखा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तात्कालिक सहायता के रूप में 25 हजार की धनराशि दी है।
चिनौला गांव निवासी लीसा श्रमिक भुवन सिंह (33) पुत्र नंदन सिंह मंगलवार को गोलूछीना के जंगल में लीसा निकालने गया था। शाम तक घर नहीं लौटा। बुधवार सुबह परिजनों ने उसकी खोजबीन की। बुधवार शाम 3:30 बजे जंगल में घास लेने गई गांव की महिलाओं ने गांव से करीब एक किमी दूर गोलूछीना बसंतगाड़ के पास श्रमिक भुवन का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखा। तेंदुआ शव से मांस खा गया था। ग्रामीण ने पुलिस और वनकर्मियों को सूचना दी। अल्मोड़ा वन प्रभाग के डीएफओ प्रेम कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को अहेतुक सहायता के रूप में 25 हजार रुपए का चेक दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सहायता दी जाएगी।
पिंजरे के पास घूमकर निकल गया तेंदुआ
अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लाक के पितना गांव में शुक्रवार शाम तीन वर्षीय बच्चे को निवाला बनाने वाला तेंदुआ अब तक पकड़ में नहीं सका है। गांव में लगाए गए पिंजरे के आसपास तेंदुए के पंजे के निशान मिले। मंगलवार रात वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त संतोष विजय शर्मा और सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ रमेश चंद्रा भी पितना गांव में ही गश्त पर रहे।
बीती 16 जनवरी को तीन वर्षीय बच्चे प्रमोद उर्फ लक्की को तेंदुआ उठा ले गया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में दो स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। पिंजरों की भीतर बकरी बांधी गई हैं। वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त संतोष विजय शर्मा और सिविल सोयम वन प्रभाग के डीएफओ रमेश चंद्रा भी मंगलवार रात गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक बच्चे के पिता विशन सिंह भी मुलाकात की। दोनों अधिकारी भी रात में तीन बजे तक गांव में ही डटे रहे।