दैना गांव में तेंदुए की गतिविधि जानने को कैमरा ट्रेप खंगालते वन विभाग के लोग। संवाद
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। दैना गांव में आतंक के पर्याय बने तेंदुए को शिकारियों ने शाम 6:17 बजे गोली से मार दिया। इसके बाद शव को अल्मोड़ा भेज दिया गया। वहां मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव जला दिया जाएगा। इस तेंदुए ने पिछले सप्ताह एक ग्रामीण को मार दिया था। तब से रेंजर मनोज कुमार लोहनी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। करीब 12 बारह साल की मादा तेंदुआ लंबे समय से गांव में सक्रिय थी। शिकारी राजीव सोलोमन ने बताया कि चार दिन से क्षेत्र में रेकी की जा रही थी। तेेंदुए के मारे जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
रेंजर मनोज कुमार लोहनी ने बताया कि तेंदुआ आदमखोर होने के बाद कई बार जगह बदल रहा था। शनिवार शाम तेंदुए ने एक बकरे को भी निवाला बनाया था। इसी के अनुसार विभाग की टीम भी कार्य कर रही थी।
दैना गांव में पिछले हफ्ते तेंदुए ने बुजुर्ग मोहन राम को निवाला बनाया था। बीडीसी सदस्य दीपक कन्नू साह ने बताया कि रविवार शाम तेंदुआ घटनास्थल से 200 मीटर की दूरी से एक बकरे को उठा ले गया। वन विभाग की दो और शिकारियों की एक टीम वहां गश्त कर रही है। ट्रैप कैमरा और ड्रोन कैमरे की मदद से भी आदमखोर तेंदुए की रेकी की गई।