गश्त के दौरान जंगल में मौजूद वनकर्मी।
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अल्मोड़ा/धौलछीना। पेटशाल क्षेत्र में आदमखोर तेंदुए को कैद करने के लिए वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। दो शिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। तेंदुए के दो लोगों को शिकार बनाने की घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
डूंगरी और पेटशाल में लगातार दो दिनों में आदमखोर तेंदुए ने ढाई वर्षीय हर्षित और अगले दिन मानसिक रूप से कमजोर बुजुर्ग महिला आनंदी देवी को अपना निवाला बना लिया। घटना से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर दिया गया। इसे बाद अब वन विभाग की ओर से तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने की कोशिश की जा रही है। पकड़ में न आने की दशा में तेंदुए को मारने के लिए शिकारी भी बुलवा लिए गए है। तेंदुए को मारने के लिए बृहस्पतिवार को नैनीताल जिले से प्रसिद्ध और अनुभवी शिकारी हरीश धामी और बिजनौर के सैफी आसिफ गांव में पहुंच गए है। इसके बाद से अब दोनों शूटर तेंदुए को मारने के लिए रात में गश्त करेंगे। वहीं विभाग की टीम लगातार जंगलों में गश्त कर रही है। शुक्रवार को पेटशाल, उडलगांव, चनौली, बाड़ेछीना, डूंगरी, बजेली, कूनाकोट, सील आदि गांवों से सटे जंगलों में वन विभाग की टीम ने गश्त की। इस दौरान टीम ने जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए। वहीं पूर्व से ही तेंदुए को पकड़ने के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे लगाए गए हैं।
वन विभाग की छह टीमें कर रहीं गश्त
अल्मोड़ा। पेटशाल में आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार मुस्तैद है। विभाग की ओर से जंगलों में गश्त के लिए छह टीमें गठित की गई है। प्रत्येक टीम में पांच-पांच सदस्य हैं। विभिन्न गांवों से सटे जंगलों में विभागीय टीम लगातार गश्त कर रही है। टीम जंगल में तेंदुए के विभिन्न अड्डों में भी गश्त कर रही है। गांव में पूर्व में लगाए गए तीनों पिंजरों को भी समय-समय पर चैक किया जा रहा है। टीम ने शुक्रवार को पेड़ों में तेंदुए पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हुए हैं। दोनों प्रसिद्ध शिकारी भी मौके पर पहुंचने के बाद शिकार करने के लिए तैयार हैं।