शाम होते ही तेंदुओं का आबादी क्षेत्र में घुसना आम हो गया है। नगर की सीमा से लगे माल गांव में बुधवार रात में तेंदुए ने एक गोशाला में घुसकर छह बकरियों को मार डाला। इससे पूर्व भी तेंदुआ इसी गांव में तीन बकरियों को मार चुका है। तेंदुए के आतंक के कारण शाम होते ही ग्रामीणों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
रात करीब 12 बजे माल गांव में तेंदुआ बलवंत सिंह बिष्ट की गोशाले का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गया। तेंदुए ने वहां छह बकरियों को मार डाला। इससे पूर्व तेंदुआ इसी गांव में मदन सिंह, धरम सिंह, लछिमा देवी की एक-एक बकरियों को मार चुका है। बलवंत सिंह बिष्ट ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है।
कृषि और पशुपालन ही उनकी आजीविका के स्रोत हैं। तेंदुए द्वारा एक साथ छह बकरियां मार देने से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को सूचना देने के बाद भी प्रभावित काश्तकारों को मुआवजा की राशि नहीं दी गई। क्षेत्र पंचायत सदस्य गणेश सिंह बिष्ट ने कहा कि प्रभावित काश्तकारों को शीघ्र मुआवजा की राशि दी जाए। इधर नगर के ढूंगाधारा, खत्याड़ी, सरकार की आली, खोल्टा, चीनाखान, धारानौला, मकेड़ी, पोखरखाली, रानीधारा समेत कई मोहल्लों में तेंदुए का आतंक बना हुआ है।