भैंसोड़ा में पिंजरे में कैद तेंदुआ
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अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक के भैंसोड़ा में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। उसे अल्मोड़ा स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया गया।
लमगड़ा ब्लॉक के भैंसोड़ा, उल्सेटी, रतखान, कुन्यूड़ा समेत क्षेत्र भर में लंबे समय से तेंदुए की दहशत बनी हुई है। भैंसोड़ा में सबसे अधिक तेंदुए का आतंक है। एक माह के भीतर ही गांव में कई पशुओं को तेंदुआ निवाला बना चुका है। बीते दिनों ग्राम प्रधान कुसुम सिजवाली के नेतृत्व में ग्रामीणों ने डीएम और प्रभागीय वनाधिकारी को ज्ञापन सौंप तेंदुए से निजात दिलाने की मांग की थी।
चार दिन पूर्व क्षेत्र में वन विभाग की ओर से पिंजरा लगाया गया। सोमवार सुबह तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। सिविल सोयम रेंजर अंजनी ने बताया कि तेंदुए को रेस्क्यू सेंटर अल्मोड़ा ले जाया जा रहा है। तेंदुआ नर है, जिसकी उम्र लगभग आठ से नौ साल है। तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इधर तेंदुए को पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। मौके पर ग्राम प्रधान भैसोड़ा कुसुम सिजवाली, पान सिंह सिजवाली, रजत सिंह सिजवाली, दलीप सिंह, सुंदर सिंह, चंदन नेगी, कुंदन सिंह सिजवाली आदि थे।