अल्मोड़ा। नगर के तल्ला जोशीखोला मोहल्ले के एक घर में रविवार शाम तेंदुए का शावक घुस गया। वह भीतर जाकर दुबक गया और काफी देर तक बाहर नहीं निकला। परिजनों के शोर मचाने पर मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने किसी तरह ट्रेंकुलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया। एक घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में कैद कर वनकर्मी एनटीडी स्थित रेस्क्यू सेंटर ले गए। सोमवार को उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। शावक की उम्र करीब आठ माह है।
जल निगम में कार्यरत खजान चंद्र जोशी का नगर के तत्ला जोशीखोला मोहल्ले में घर है। रविवार को खजान चंद्र जोशी अपने घर के आगे खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब पांच बजे झाड़ियों से निकलकर तेंदुए के आठ माह का बच्चा खेत में पहुंच गया। भयभीत खजान चंद्र ने शोर मचाया तो परिजन घर से बाहर निकल आए। सभी ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर तेंदुआ मकान के भूतल में स्थित कमरे में घुस गया।
घर में तेंदुए घुसने की सूचना मिलने पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर वन विभाग कर्मचारियों की टीम भी पहुंच गई। वन कर्मियों ने ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोशी का इंजेक्शन दागा और तेंदुए के बच्चे को बेहोश किया। एक घंटे की मशक्कत के बाद तेंदुए के बच्चे को पिंजरे में कैद कर लिया गया। तेंदुए का बच्चा नर है। जिसकी उम्र आठ माह और लंबाई करीब एक मीटर है। सोमवार को तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा।
अल्मोड़ा। नगर के तल्ला जोशीखोला में करीब पांच दिन पहले भी एक तेंदुआ दिखाई दिया। जोशीखोला निवासी दीपक चंद्र जोशी ने बताया कि करीब पांच दिन पहले रात्रि आठ बजे वह अपने घर को जा रहे थे। आर्य कन्या स्कूल के पास एक तेंदुआ झाड़ी में घुसते हुए दिखाई दिया। तल्ला जोशीखोला के आसपास जीआईसी अल्मोड़ा और आर्य कन्या बालिका इंटर कॉलेज भी है। इस क्षेत्र में तेंदुए के आए दिन दिखने से स्कूली बच्चों को भी जान का खतरा बना हुआ है।