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बमन गांव में फिर देखा गया तेंदुआ

Thu, 27 Dec 2018 12:02 AM IST
nazim nazim अमर उजाला ब्यूरो  चौखुटिया (अल्मोड़ा)।
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द्वाराहाट के चंथरिया में वन विभाग के रैंज कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला
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आदमखोर तेंदुए के मारे जाने की बमन गांव के लोगों की खुशी एक दिन भी नहीं टिक पाई। बमनगांव में बुधवार को फिर तेंदुआ दिखाई दिया है। मंगलवार रात को भी गांव में देर रात लोगों ने इस तेंदुए का गुर्राना सुना था। अब गांव के लोगों ने पहले की तरह गांव में चार शिकारियों को तैनात करने की मांग की है। इस मांग को लेकर इन्हाेंने वन विभाग के एसडीओ को भी घेरा और समस्या का समाधान न होने पर महाकालेश्वर में चक्का जाम की चेतावनी दी। तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने अपनी दो टीमों को गांव में गश्त के लिए भेजा है।
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बमन गांव और सीमा पानी में एक सप्ताह के अंदर ही तेंदुए ने दो महिलाओं को मारा था। मंगलवार को लखपत शिकारी ने एक तेंदुए को मार गिराया तो गांव के लोगों को लगा कि आदमखोर तेंदुए से निजात मिल गई। वन विभाग ने भी माना था कि मारे गए तेंदुए के गले में घाव था और वह इस वजह से आदमखोर बना। गांव के लोगों की यह खुशी कुछ ही देर में काफूर हो गई। गांव की प्रधान राधिका देवी के पति मदन राम ने बताया कि बुधवार दिन में करीब ढाई बजे गांव के गलमाड़ तोक में चरवाहों ने तेंदुआ देखा। मंगलवार की रात को करीब साढ़े आठ बजे गोविंदी के घर के पास ही लोगों को तेंदुए के गुर्राना भी सुना था। 23 दिसंबर को तेंदुए ने गोविंदी को ही शिकार बनाया था। ऐसे में गांव वालों को लग रहा है कि दो महिलाओं को मारने वाला तेंदुआ अभी गांव के आसपास सक्रिय है।

तेंदुए के कारण डरे हुए लोगों ने बुधवार को दिन में वन विभाग के एसडीओ पृथ्वीपाल सिंह का भी घेराव किया। लोगों की मांग थी कि शिकारियों को गांव में फिर से तैनात किया जाए। इस तेंदुए के न पकड़े जाने पर लोगों ने बृहस्पतिवार को महाकालेश्वर में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। विभाग ने दो टीमें गांव में भेज दी हैं। एक टीम बमनगांव तथा दूसरी टीम सीमापानी के पास गश्त करती रहेगी। गांव में लगाया गया पिंजरा भी नही हटाया गया है।
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विधायक महेश नेगी ने डीएफओ से बात की
चौखुटिया। गांव मेें एक और तेंदुआ देखे जाने के बाद क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी ने डीएफओ प्रवीण कुमार से बात की। विधायक ने बताया कि वन विभाग से क्षेत्र में एक और पिंजरा लगाने और इस तेंदुए को पकड़ने के लिए नए सिरे से कोशिश की मांग की है। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग ने अपनी टीम गांव में तैनात की हुई है। एक पिंजरा यहां लगा हुआ है। एक और पिंजरा लगाने की कोशिश की जाएगी।
ड्रोन से सर्वे करने की भी है मांग
चौखुटिया। क्षेत्र में एक और तेंदुआ दिखने से यह साबित हो गया है कि वन विभाग को क्षेत्र में तेंदुओं की उपस्थिति की सटीक जानकारी नहीं है। गांव के लोगों ने भी इससे पहले दो तेंदुओं की बात नहीं की थी। इसको देखते हुए वन विभाग से ड्रोन के जरिए सर्वे करने की मांग की गई है।
गांव वालों को क्षेत्र में किसी दूसरे तेंदुए के सक्रिय होने का पता ही मंगलवार की रात आदमखोर तेंदुए के मारे जाने के बाद लगी। आदमखोर तेंदुए के मारे जाने की खुशी मना रहे लोगों को पहला झटका मंगलवार को रात साढ़े आठ बजे गांव के आसपास तेंदुए के गुर्राने की आवाज आने पर लगा। बुधवार को दिन मेें चरवाहों ने तेंदुआ देखा तो लोगों का शक यकीन में बदल गया। इससे पहले वन विभाग भी तेंदुए के मारे जाने की खबर से राहत में था। अब भी वन विभाग का कहना है कि यह पक्के यकीन के साथ नहीं कहा जा सकता कि दूसरा तेंदुआ आदमखोर ही है। ऐसे में वन विभाग से लोगों ने अब ड्रोन सर्वे की मांग की है।

शिकारियों को तैनात करने की जटिल प्रक्रिया, और भड़केगा असंतोष
 चौखुटिया। एक तेंदुए को मारने के बाद बमन गांव में तैनात शिकारी वापस लौट गए हैं। इन शिकारियों को यहां तैनात करने में वन विभाग को एक सप्ताह से भी ज्यादा का समय लगा था। अब दोबारा शिकारी तैनात करने में वक्त लग सकता है और यह लोगों के असंतोष को और भड़काएगा।
शिकारी तैनात करने से पहले वन विभाग को तेंदुए को मारने की अनुमति देनी होगी। इसके लिए तेंदुए का आदमखोर होना तय करना होगा। इसके बाद शिकारियों को यहां तैनात किया जा सकता है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया में वक्त लगेगा। इधर, लोगों का धीरज जवाब दे रहा है। दो सप्ताह से आतंक के साए में जी रहे लोग अब इंतजार करने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि इनकी ओर से बृहस्पतिवार को चक्का जाम की चेतावनी दी गई है। 
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