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शहर का मोह छोड़ पहाड़ आए और खेती किसानी को बनाया आजीविका का जरिया

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अपनी गाय के साथ काश्तकार नरेंद्र सिंह। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। तल्ली बिठोली निवासी नरेंद्र सिंह रौतेला ने शहर का मोह छोड़कर खेती किसानी और पशुपालन को अपनी आजीविका का जरिया बनाया। रौतेला घी का उत्पादन करने के साथ विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियों को स्थानीय बाजार में उपलब्ध करा रहे हैं। वह चलो गांव की ओर अभियान के तहत सम्मानित भी हो चुके हैं।
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नरेंद्र रौतेला के पिता हल्द्वानी में नौकरी करते थे। नरेंद्र ने स्नातक तक की शिक्षा हल्द्वानी से प्राप्त की। इसके बाद कई सालों तक प्राइवेट नौकरी की। कुछ अलग करने की इच्छा और पहाड़ का मोह उन्हें 2001 में गांव की ओर खींच लाया। उन्होंने गांव में अपनी मां का हाथ बंटाते हुए खेती और पशुपालन व्यवसाय शुरू कर दिया। उन्होंने घर के आस पास सब्जी उत्पादन का कार्य शुरू किया। नरेंद्र रौतेला ने तीन गायें पाली हुई हैं। क्षेत्र में दुग्ध डेयरी नहीं होने के कारण दूध बिक्री करने के बजाय वह घी का उत्पादन कर रहे हैं। मौसमी सब्जियों को उत्पादित कर स्थानीय बाजार में उपलब्ध कर अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रहे हैं। खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वह कृषि उपकरणों और कीटनाशकों की दुकान भी चला रहे हैं। गांव में पानी की कमी को देखते हुए उन्होंने वर्षा जल को एकत्रित करने के लिए पेयजल टैंक बनाया है।
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