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Almora News: विधि संकाय के छात्र- छात्राएं छात्रसंघ चुनाव से रहेंगे अलग- थलग

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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना परिसर में इस बार छात्रसंघ चुनाव में विधि संकाय के छात्र- छात्राएं न तो अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे और न ही चुनाव लड़ पाएंगे। ऐसा इसलिए की एलएलबी और एलएलएम में सम समेस्टर कक्षाओं की परीक्षाएं अब तक नहीं हो सकी हैं। ऐसे में वह नए शिक्षा सत्र के विद्यार्थी नहीं माने जाएंगे। ऐसे में विवि की लापरवाही का खामियाजा अब विद्यार्थियों का भुगतना पड़ रहा है।
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एएसएसजे विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में एलएलबी दूसरे, चौथे, छठे और एलएलएम दूसरे और चौथे सेमेस्टर की परीक्षाएं शिक्षा सत्र शुरू होने के छह महीने बाद भी शुरू नहीं हो सकी हैं। परीक्षा नहीं होने से उनके आईकार्ड भी जारी नहीं हो पाए। लिंग दोह नियम के मुताबिक चुनाव लड़ने और मतदान करने के लिए उन्हें अपनी पिछली सेमेस्टर परीक्षा उत्तीर्ण कर नए सत्र का विद्यार्थी होना अनिवार्य है। ऐसे में कई विद्यार्थियों का छात्रसंघ चुनाव लड़ने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। वहीं 500 से अधिक छात्र- छात्राएं इस बार अपने मतों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। आक्रोशित विद्यार्थियों का कहना है कि निर्धारित समय पर परीक्षा न कराए जाने उन्हें अगले सेमेस्टर में प्रवेश नहीं मिल पाया है, इससे छात्रसंघ चुनाव लड़ने और वोट देने के संवैधानिक अधिकारों से सैकड़ों छात्र- छात्राओं को वंचित किया गया है।

एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में नहीं हुुए प्रवेश
अल्माेड़ा। छात्रसंघ चुनाव को महज 10 दिन शेष रह गए हैं लेकिन एलएलबी प्रथम सेमेस्टर में अब तक प्रवेश प्रक्रिया ही प्रारंभ नहीं हुई है। हैरानी की बाद है कि अब तक विवि प्रबंधन की ओर से यह भी तय नहीं हुआ है कि छात्र- छात्राओं को प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश मिलेगा या फिर मैरिट के आधार पर। ऐसे में विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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एलएलएम में नहीं ले पा रहे प्रवेश
अल्मोड़ा। एलएलबी छठे सेमेस्टर की परीक्षा नहीं होने से विद्यार्थियों को एलएलएम में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में अन्य संस्थानों में एलएलएम की पढ़ाई पूरी करने के इच्छुक छात्र- छात्राएं के प्रवेश से वंचित रहना पड़ रहा है।

बोले छात्र नेता



- विधि संकाय के छात्र- छात्रों को छात्रसंघ चुनाव से बाहर कर देना सरासर अन्याय है। समय पर परीक्षा नहीं होने से सैकड़ों छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकार को कुचल दिया गया है। यह सिर्फ शैक्षणिक देरी नहीं, बल्कि युवाओं के नेतृत्व करने का सपना भी चूर हुआ है।

- चंद्रशेखर पालीवाल, छात्र नेता, एसएसजे परिसर।


- सेमेस्टर परीक्षाएं समय पर न होना विवि प्रशासन की गंभीर चूक है। इससे विधि के विद्यार्थियों को मतदान और चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिल पाएगा। यह सीधा- सीधा विद्यार्थियों के अधिकारों का हनन है।
- राहुल कनवाल, जिला संयोजक, एबीवीपी अल्मोड़ा।
-
कोट
- लिंग दोह नियमों के मुताबिक चुनाव लड़ने और वोट देने के लिए विद्यार्थी को नए शिक्षा सत्र का विद्यार्थी होना अनिवार्य है। आईकार्ड जारी होने पर ही वह चुनाव लड़ सकेगा और अपने मत का प्रयोग भी कर सकता है।
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- प्रो. जगत सिंह बिष्ट, संयोजक, छात्रसंघ चुनाव, एसएसजे विवि।
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