भिकियासैंण में पत्रकारों से वार्ता करते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत।
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भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। विधानसभा सत्र के दौरान दिवालीखाल में ग्रामीणों पर पुलिस के लाठीचार्ज करने की घटना की पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने बुधवार को चमोली जिले के घाट पर विरोध में उपवास करने का एलान किया।
मंगलवार को चमोली जाते हुए हरीश रावत कुछ देर के लिए भिकियासैंण में रुके। एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि नंदप्रयाग-घाट मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने जा रहे लोगों पर सरकार के इशारे पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जो सरकार के क्रूर चेहरे को उजागर करता है। उन्होंने कहा, लंबे समय से ग्रामीण मार्ग के चौड़ीकरण के लिए आंदोलित हैं। यदि सरकार पहले ही आंदोलनकारियों से वार्ता कर सकारात्मक हल निकाल लेती तो घेराव के लिए आंदोलनकारी यहां तक नहीं पहुंचते। उन्होंने लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को चमोली घाट पर उपवास करने का निर्णय लिया है।
त्रिवेंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि चार साल में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है। डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। बस ये ही दो उपलब्धियां सरकार की रही हैं। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि त्रिवेंद्र सरकार के चार वर्ष के कार्यकाल में जनता बेहाल है, जिसका जवाब जनता 2022 में भाजपा को देगी। इस मौके पर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दीपक बिष्ट, व्यवसायी महेंद्र बिष्ट, गंगा पंचोली, नंदन रावत आदि थे।