अल्मोड़ा। नगर में लक्ष्मेश्वर के पास मंगलवार दोपहर एक बजे भूस्खलन हो गया। इसी दौरान पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से दो स्कूटी सवार बाल-बाल बचे। पहाड़ी से रूक-रूक कर हो रहे भूस्खलन से लोगों में खतरे का डर बना हुआ है।
पिछले दिनों लक्ष्मेश्वर के पास हुए भूस्खलन के बाद भी जिला प्रशासन ने सबक नहीं लिया है। प्रशासन ने सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए संबंधित व्यक्ति को नोटिस देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया है। इसके बाद भी सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।
दोपहर में एक बजे हुए भूस्खलन और पहाड़ी से गिर रहे बोल्डरों से लक्ष्मेश्वर के आसपास रहने वालों को खतरा बना हुआ है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यहां पांच हजार से अधिक की आबादी रहती है। उनका कहना है कि यदि बारिश के दौरान भूस्खलन हुआ तो बड़ी आबादी को खतरा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से पहाड़ी के सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद भी संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है।
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बारिश हुई तो सो नहीं पा रहे हैं स्थानीय लोग
अल्मोड़ा में यदि बारिश शुरू होती है तो लक्ष्मेश्वर के आसपास रहने वाले लोग सो नहीं पाते हैं। इसका कारण जिस जगह पर भूस्खलन हो रहा है उसके नीचे बड़ी आबादी रहती है। अगर बोल्डर और मलबा गिरा तो घरों और दुकानों को भी नुकसान पहुंच सकता है। लोगों ने यहां पर शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य कराने की मांग की है।
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दिन रात चलते रहते हैं वाहन, हादसे की आशंका
लक्ष्मेश्वर में जिस जगह पर भूस्खलन हो रहा है उस स्थान पर दिन रात पिथौरागढ़, अल्मोड़ा नगर और कलक्ट्रेट से लगे ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाले सैकड़ों वाहन दिन रात चलते रहते हैं। कभी भी यहां पर बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली है।
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भूस्वामी को कई बार दे दिए हैं नोटिस
लक्ष्मेश्वर के पास जिस स्थान पर भूस्खलन हो रहा है वह भूमि एक व्यक्ति की है। उसने यहां पर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए कुछ समय पूर्व खोदाई की थी। मानसूनकाल में खोदाई का कार्य बंद है। बारिश के चलते पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। राजस्व विभाग ने सुरक्षात्मक कार्य कराने के लिए दो से अधिक बार भूस्वामी को नोटिस दिए हैं लेकिन अभी तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं हो सके हैं।
कोट
लक्ष्मेश्वर के पास भवन निर्माण के लिए एक व्यक्ति ने बिना अनुमति के खोदाई की है। अब यहां पर लगातार भू-खलन हो रहा है। भविष्य में यहां पर एनएच का चौड़ीकरण भी किया जाना है। भूमि स्वामी को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है। बोल्डरों को सड़क से हटा दिया गया है। - अशोक चौधरी, ईई एनएच रानीखेत।