अल्मोड़ा। जिला अस्पताल के दो डॉक्टर अवकाश पर, एक की कैंप ड्यूटी और एक की दूसरी जगह ड्यूटी लगने पर मरीजों को दिक्कतें हुईं। दोनों अस्थि रोग विशेषज्ञ के नहीं होने पर मरीजों तेज धूप में उपचार के लिए पांच किमी दूर बेस अस्पताल के चक्कर लगाने पड़े। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार को जिला अस्पताल के फिजिशियन (मेडिसिन) अवकाश पर रहे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. जीवन मपवाल ऑपरेशन कर रहे थे। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नमन लोहनी बेस अस्पताल में ड्यूटी पर थे। दो अस्थि रोग विशेषज्ञों में से डॉ. अविनाश कैंप ड्यूटी पर गए जबकि डॉ. पीके मेहता अवकाश पर हैं।
जिले के हवालबाग, धौलादेवी, लमगड़ा, भैंसियाछाना और ताकुला विकासखंडों से 650 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचे। अस्थि रोग विशेषज्ञ के दोनों चिकित्सक न होने से मरीजों अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। कई मरीजों को निजी अस्पताल का दौड़ लगानी पड़ी। इससे उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की जेब पर असर पड़ा।
पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने बताया कि कैंप ड्यूटी और अवकाश से डॉक्टर शीघ्र ड्यूटी पर वापस लौटेंगे।
जिले से आठ डॉक्टर रिलीव, नया एक भी नहीं पहुंचा
जिला अस्पताल के विशेषज्ञ भी धमकी के बाद मेडिकल लीव पर, आपदा सीजन में स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे
बागेश्वर। जिले में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। प्रदेश स्वास्थ्य सचिव के आदेश के बाद स्वास्थ्य महकमे ने जिले से स्थानांतरित हुए 16 में से आठ चिकित्सकों को कार्यमुक्त कर दिया है। दूसरे जिलों से स्थानांतरित होकर आए 10 चिकित्सकों में से एक ने भी कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
तबादलों के इस दौर में कपकोट सीएचसी पूरी तरह बाल रोग विशेषज्ञ विहीन हो गया है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ एक रसूखदार व्यक्ति का धमकी भरा फोन आने के बाद से अचानक मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं। जिला अस्पताल में जिले से सबसे अधिक प्रसव होते हैं। ऐसे में यदि किसी नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ती है तो विशेषज्ञ के न होने से उसे सीधे हायर सेंटर रेफर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
एक-एक विशेषज्ञ के भरोसे अस्पताल, सीएमएस प्रभार से ओपीडी प्रभावित
जिला अस्पताल में स्थिति यह है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन और सर्जन समेत लगभग सभी प्रमुख विभागों में एक-एक विशेषज्ञ डॉक्टर ही तैनात हैं। पूर्व सीएमएस के जाने के बाद अस्पताल के एकमात्र हड्डी रोग विशेषज्ञ को ही सीएमएस का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। प्रशासनिक कार्यों की व्यस्तता के कारण वे मरीजों को पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं। आपदा और बरसात के मौसम में अस्पताल की ऑर्थो ओपीडी और वार्ड में मरीजों की सबसे ज्यादा भीड़ रहती है जिन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के संबंध में शासन को स्थिति से अवगत करा दिया है। बाल रोग विशेषज्ञ के मेडिकल अवकाश पर होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अल्मोड़ा सीएमओ से वार्ता की जा रही है। शासन में सचिव स्तर से जारी आदेशों के अनुपालन में ही डॉक्टरों को रिलीव किया गया है। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर