पर्यटन और यातायात की दृष्टि से महत्वपूर्ण बाइपास क्वारब-कोसी सड़क का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है। सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद लोनिवि ने इस सड़क के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित कर दी हैं।
इस सड़क के बनने से क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव लाभान्वित होंगे। वहीं दूसरी ओर पांच साल पहले स्वीकृत क्वारब-पेटशाल सड़क का निर्माण कार्य वन भूमि की स्वीकृति नहीं मिलने से अधर में लटका हुआ है।
अल्मोड़ा शहर की सड़कों में यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है। जाम लगना आम बात है। नगर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए सरकार ने पूर्व में क्वारब-कोसी और क्वारब-पेटशाल सड़कें स्वीकृत की थीं। 2007 में 18 किमी लंबी क्वारब-कोसी बाइपास सड़क के लिए 5.25 करोड़ रुपये भी मंजूर किए थे।
इस सड़क को भारत सरकार से वन भूमि की सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। लोनिवि प्रांतीय खंड ने सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर निविदा आमंत्रित कर दी हैं। जल्द ही इस सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ होने की उम्मीद है। यह मार्ग कोसी बैराज के समीप से होकर बनना है। इससे यातायात सुगम होने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उधर करीब साढ़े पांच साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी द्वारा 28 किमी लंबी बाइपास क्वारब-पेटशाल सड़क बनाने की घोषणा की गई थी। इस सड़क के लिए सरकार से 9.80 करोड़ रुपये भी मंजूर किए हैं पर सड़क को वन भूमि की स्वीकृति का इंतजार है।
इस सड़क के बनने से सुयाल नदी से लगे 26 गांव यातायात से जुड़ेंगे। इसके अलावा पिथौरागढ़, बेरीनाग, गंगोलीहाट, दन्यां, लमगड़ा, शहरफाटक आदि क्षेत्रों को जाने वाले वाहनों को अल्मोड़ा नगर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे नगर में भी यातायात का दबाव कम होगा।