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कुमाऊं की एकमात्र कार्डिएक यूनिट होने लगी बीमार

Sat, 22 Jul 2017 10:59 PM IST
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो
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अल्मोड़ा का कार्डिएक सेंटर। - फोटो : अमर उजाला
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 प्रदेश सरकार की उपेक्षा के चलते करीब एक साल पहले अल्मोड़ा के बेस अस्पताल में हृदय रोगियों के इलाज के लिए स्थापित की गई कुमाऊं की एकमात्र कार्डिएक यूनिट की हालत खराब होती जा रही है। यूनिट में नई मशीनें लगाना तो दूर, यहां मौजूद इको और टीएमटी मशीनें भी खराब पड़ी हैं। कार्डिएक यूनिट को संचालित करने के लिए प्रदेश सरकार ने नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के साथ करार किया था। इसके तहत हार्ट इंस्टीट्यूट द्वारा तैनात किए गए डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के वेतन का भुगतान सरकार को करना है, लेकिन पिछले 10 माह से वेतन के लिए भी धेला नहीं मिला है। हार्ट इंस्टीट्यूट की सरकार पर एक करोड़ की देनदारी हो गई है।
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बता दें कि कई साल पहले हुई घोषणा के बाद पिछले साल तत्कालीन कांग्रेस सरकार और नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ डॉ. ओपी यादव के बीच अल्मोड़ा में कार्डिएक यूनिट खोलने के लिए करार हुआ। कुमाऊं में यह एकमात्र कार्डिएक यूनिट है। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट ने कार्डिएक यूनिट में दो हृदय रोग विशेषज्ञ, नर्स और तकनीकी स्टाफ समेत सात कर्मचारियों की तैनाती की। मशीनें आदि स्वास्थ्य विभाग को  उपलब्ध करानी थी। डॉक्टरों और स्टाफ का वेतन राज्य सरकार को वहन करना था। चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्डिएक यूनिट का लोकार्पण किया था। एक अक्तूबर 2016 से कार्डिएक यूनिट ने काम करना शुरू कर दिया। यहां दो हृदय रोग विशेषज्ञ रोजाना करीब 30 से 40 मरीजों की जांच करते हैं। जबकि इससे पहले अल्मोड़ा जिला समेत संसदीय क्षेत्र के चारों जिलों में कोई हृदय रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं था।

करार के मुताबिक सरकार ने नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट दिल्ली के निदेशक (सीईओ) डॉ. ओपी यादव से कार्डिएक यूनिट में सभी जरूरी मशीनों को दुरुस्त करने के साथ ही डॉक्टरों समेत स्टाफ को समय पर वेतन का भुगतान करने का वायदा किया था। बताया गया है कि अक्तूबर से लेकर आज तक वेतन मद में कोई पैसा नहीं आया। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट स्टाफ को अपने स्तर से वेतन का भुगतान कर रहा है और सरकार पर अब तक करीब एक करोड़ रुपये की देनदारी हो चुकी है। यही नहीं कार्डिएक यूनिट में लगी इको और टीएमटी मशीन काफी समय से खराब पड़ी हैं। पिछले कुछ दिनों से एक्सरे मशीन तक खराब है। डॉ. ओपी यादव ने बीते दिनों अल्मोड़ा पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी इन बातों से अवगत करा दिया था, लेकिन उसके बावजूद अभी तक कुछ सुधार नहीं हुआ है। डॉ. यादव का कहना है कि अगर मशीनें दुरुस्त हो जाएं तो लोगों को जांच आदि के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। बताया कि पूर्व की योजना के मुताबिक एक साल बाद रोगियों की हार्ट सर्जरी भी अल्मोड़ा में ही होने की बात तय हुई थी और अगले चरण में एक साल बाद यहां भवन बनाकर सर्जरी से संबंधित मशीनें और अन्य उपकरण लगने हैं, लेकिन फिलहाल इस दिशा में भी कुछ नहीं हो पाया है। लोगों का कहना है कि हार्ट रोगियों के लिए महत्वपूर्ण इस कार्डिएक यूनिट को दुरुस्त करने के लिए शीघ्र बजट और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।   
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