अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र भंडारी ने कहा कि कुमाऊंनी भाषा के विकास के लिए निचले स्तर से काम करने की जरूरत है। एसएसजे विवि में कुमाऊंनी भाषा के पठन-पाठन के लिए शिक्षकों की नियुक्ति के प्रयास किए जाएंगे। गढ़वाल विश्वविद्यालय की तर्ज पर यहां भी कुमाऊंनी भाषा विभाग खोलने का प्रस्ताव शासन के समक्ष रखा जाएगा।
कुलपति प्रो. भंडारी राष्ट्रीय कुमाऊंनी भाषा सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कुमाऊंनी भाषा, साहित्य, संस्कृति प्रचार समिति और पहरू कुमाऊंनी मासिक पत्रिका की ओर से राजकीय संग्रहालय सभागार में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन दूसरे का शनिवार को दूसरा दिन था। मुख्य वक्ता शिक्षक और आलोचक डॉ. कपिलेश भोज ने कहा कि कुमाऊंनी भाषा के विकास के लिए सरकार और शिक्षण संस्थानों को भी पहल करनी चाहिए। हिंदी के विकास में जो योगदान सरस्वती मासिक पत्रिका ने दिया आज वही योगदान पहरू मासिक पत्रिका दे रही है। पहरू के प्रयासों से ही कुमाऊंनी में 800 से अधिक रचनाकार लेखन कर रहे हैं। आज कुमाऊंनी भाषा में श्रेष्ठ आलोचकों की जरूरत है।
पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि साहित्यकारों को अपने लेखन में सरल कुमाऊंनी भाषा का प्रयोग करना चाहिए। रचनाओं से लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें। सेवानिवृत्त शिक्षक नेता केपीएस अधिकारी ने कहा कि कुमाऊंनी साहित्यकार पाठकों की रुचि आधारित साहित्य का सृजन करें। संचालन करते हुए पहरू के संपादक डॉ. हयात सिंह रावत ने कहा कि सरकार और संस्थान समय रहते साहित्य के विकास के लिए कदम नहीं उठाते हैं तो जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। अब उत्तराखंड की भाषा, संस्कृति संबंधी अकादमियों को जागने की जरूरत है। इससे पूर्व साहित्यकार नवीन बिष्ट ने इजुली दे वरदान सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। नवीन बिष्ट, अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष आनंद सिंह बगड़वाल, साहित्यकार त्रिभुवन गिरी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में डॉ. ललित जलाल, लक्षिता बिष्ट, तफज्जुल खान, आनंदबल्लभ लोहनी, महेंद्र ठकुराठी, शिव दत्त पांडे, कृष्णमोहन बिष्ट, जेसी दुर्गापाल, नवीन जोशी, नीलम नेगी, शिवराज बनौला, डॉ. संजीव आर्या, दिग्विजय बिष्ट, पीसी तिवारी, माया पंत, नवीन पाठक, प्रताप सिंह, मीनू जोशी, डॉ. चंद्रप्रकाश फुलोरिया, डॉ. नवीन भट्ट, भास्कर भौर्याल, शंकर दत्त पांडे, शशिशेखर, रूप बिष्ट आदि थे।
चार रचनाकारों को किया सम्मानित
अल्मोड़ा। सम्मेलन में अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष आनंद सिंह बगड़वाल को बहादुर सिंह बनौला स्मृति कुमाऊंनी साहित्यसेवी सम्मान, साहित्यकार और पत्रकार नवीन बिष्ट को गंगा अधिकारी स्मृति नाटक लेखन पुरस्कार 2020, डॉ. पवनेश ठकुराठी को भारतेंदु निर्मल जोशी कुमाऊंनी समालोचना पुरस्कार, ललित तुलेरा को गोविंद सिंह बिष्ट स्मृति कुमाऊंनी फिल्म समीक्षा पुरस्कार प्रदान किए गए।