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कोसी, सांई नदी में बने नहरों के सभी तटबंध बहे

Thu, 16 Jun 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, सोमेश्वर (अल्मोड़ा)।
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सोमेश्वर में टूटा पैदल रास्ता - फोटो : अमर उजाला
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सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। सोमेश्वर घाटी क्षेत्र में बारिश भारी तबाही लेकर आई है। नदियों और गधेरों से काफी भूकटाव हो गया है। लद्यूड़ा गांव में छह से अधिक पालतू मवेशी बह गए हैं। मल्लाखोली में एक मकान ध्वस्त हुआ है। कोसी और सांई नदी में नहरों के सभी तटबंध टूट चुके हैं। पूरे घाटी क्षेत्र में नहरों में पानी की आपूर्ति ठप है। पेयजल लाइनें भी टूटी पड़ी हैं। किसान परेशान हैं कि अब धान की रोपाई कैसे होगी।
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बारिश से बैगाड़ गधेरे के उफान में आने से लद्यूड़ा गांव के निवासी नवीन सिंह, गोपाल सिंह की गाय, पूरन सिंह, शंकर सिंह, हरक सिंह के बैल बह गए हैं। वहीं मल्ला खोली गांव में चनर राम का मकान ध्वस्त हो गया है। उन्होंने पड़ोसी के घर में शरण ली है। लद्यूड़ा समेत आसपास के गांवों के पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोग खेतों से अब आवाजाही कर रहे हैं।

खाड़ीसुनार तोक के उपजाऊ सेरे की करीब 20 नाली भूमि मलबे से पट गई है। कोसी और सांई नदी के उफान में आने से घाटी के गांवों की सभी सिंचाई नहरों को काफी नुकसान पहुंचा है। नदी के मुहानों पर बने तटबंध पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। तटबंध टूटने से खेतों में पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है। जल्द नहरें, तटबंध दुरुस्त नहीं हुए तो खेतों में धान की रोपाई बाधित होने की संभावना है।
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कई गांवों की पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। गांवों में पेयजल आपूर्ति न होने से ग्रामीण परेशान हैं। नौलों, धारों से पानी जुटा रहे हैं। प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि शासन, प्रशासन को जल्द क्षति का आकलन कर टूटी पेयजल योजनाओं, नहरों, रास्तों को दुरुस्त करना चाहिए। ताकि ग्रामीणों की दिनचर्या पटरी पर आ सके।
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