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uttarakhand News: दो वर्षों में पांच करोड़ लीटर घटा कोसी बैराज का जल स्तर, 35 करोड़ लीटर रह गया पानी

Thu, 27 Nov 2025 03:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा

सार

अल्मोड़ा नगर की एक लाख से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने वाला कोसी बैराज  अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। बीते दो वर्षों मेें बैराज के पानी का स्तर पांच करोड़ लीटर घट गया है। इसकी मुख्य वजह बैराज में सिल्ट जमा होना है। 
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kosi barrage - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 अल्मोड़ा नगर की एक लाख से अधिक की आबादी की प्यास बुझाने वाला कोसी बैराज (जलाशय) अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। बीते दो वर्षों मेें बैराज के पानी का स्तर पांच करोड़ लीटर घट गया है। इसकी मुख्य वजह बैराज में सिल्ट जमा होना है। इसी तरह पानी का स्तर कम होता रहा तो भविष्य में नगर में पेयजल संकट गहरा सकता है।

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नगर समेत कई गांवों को पेयजल संकट से मुक्ति दिलाने के लिए सिंचाई विभाग ने वर्ष 2015 में 35 करोड़ रुपये से जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर कोसी नदी पर बैराज का निर्माण किया। 8.50 मीटर गहरे, 54.25 मीटर चौड़े और 1.85 किमी लंबे इस जलाशय की क्षमता चार लाख घन मीटर है। लेकिन जलाशय में लगातार सिल्ट जमा होने से बीते दो वर्षों में पानी का स्तर 50 हजार घन मीटर यानी पांच करोड़ लीटर कम हुआ है। 40 करोड़ लीटर क्षमता के इस जलाशय में सिल्ट जमा होने से यहां 35 करोड़ लीटर पानी ही रह गया है। दो वर्षों में जलाशय का पांच करोड़ लीटर पानी कम होना भविष्य के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

सफाई के लिए कोई मद स्वीकृत नहीं
हैरानी की बात है कि नगर की बड़ी आबादी की प्यास बुझाने वाले इस बैराज की सफाई के लिए सिंचाई विभाग के पास को मद स्वीकृत नहीं है। सफाई नहीं होने बैराज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। वहीं सिल्ट और गंदगी जमा होने से बैराज का पानी भी दूषित हो रहा है। इससे बीमारी का खतरा भी बढ़ गया है।
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पहले से ही बनी है पानी की कमी
नगर में आबादी हर वर्ष बढ़ रही है। वर्तमान में यहां करीब एक लाख की आबादी को 14 एमएलडी पानी की जरूरत है। हालाकि अभी ठंड बढ़ने से किसी तरह आपूर्ति हो रही है। लेकिन गर्मी बढ़ने और बैराज में लगातार जमा हो रही सिल्ट से भविष्य में जल संस्थान के लिए भी लोगों का पर्याप्त पानी देना चुनौती बन सकता है।

बैराज की सफाई के लिए कोई मद स्वीकृत नहीं है। जिला योजना के तहत बैराज की सफाई करना संभव नहीं है। ऐसे में बैराज में सिल्ट जमा होने से जलाशय का जलस्तर घट रहा है।
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- मोहन सिंह रावत, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, अल्मोड़ा।

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